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Chamba News: तीन सरकारी बसें एक सप्ताह से बंद, टैक्सी में सफर करना बना मजबूरी

Thu, 15 Jan 2026 10:45 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Thu, 15 Jan 2026 10:45 PM IST
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Three government buses have been out of service for a week, forcing people to travel by taxi.
चुवाड़ी (चंबा)। द्रम्मण-पठानकोट वाया चुवाड़ी रूट पर चलने वाली एचआरटीसी की तीन बसें एक सप्ताह से बंद हैं। इस कारण चुवाड़ी के लोग टैक्सी या अन्य विकल्पों से महंगा सफर करने के लिए मजबूर हैं। खासकर वे लोग, जो रोजाना या साप्ताहिक आधार पर इन बसों में यात्रा करते थे।
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टैक्सी में यात्रा करने के कारण उन्हें अतिरिक्त दो से तीन हजार रुपये तक का खर्च उठाना पड़ रहा है। यात्रियों का कहना है कि जब ये बसें चलती थीं तो यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए एक सस्ता और भरोसेमंद विकल्प मिलता था। अब उन्हें टैक्सी का सहारा लेना पड़ता है।
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जानकारी के अनुसार पठानकोट-द्रम्मण के तीन रूटों में एक बस सुबह 6:30 बजे चुवाड़ी से चलती थी। दूसरी बस कुड्डी से होबार रूट की है, जो चुवाड़ी से दोपहर 1:15 बजे चलती है। इसके अलावा ददरियाड़ा रूट की बस पठानकोट से दोपहर 2 बजे चलती है और चुवाड़ी में शाम 6 बजे पहुंचती है फिर दोबारा पठानकोट के लिए चलती है। लोगों ने अध्यक्ष से मांग की है कि इन रूटों को जल्द बहाल किया जाए।
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हर दिन द्रम्मण से पठानकोट जाना होता है, लेकिन अब सरकारी बसें नहीं चल रही हैं। टैक्सी का किराया बहुत बढ़ चुका है। पहले बस में महज 100 रुपये से रुपये में आराम से यात्रा कर लेता था, अब कम से कम दो हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। दिनेश गुप्ता, स्थानीय निवासी

पहले तो हम सरकारी बसों पर निर्भर थे, लेकिन अब तो हर बार निजी टैक्सी लेनी पड़ती है। कई बार बच्चों के टेस्ट होते हैं, वे समय पर नहीं पहुंच पाते है। कोई अधिकारी बसों के बारे में बताने को तैयार नहीं है। राजेश बलोरिया, स्थानीय निवासी
बसों के बंद होने से यात्रा में बहुत असुविधा हो रही है। टैक्सी में यात्रा करना मेरे लिए महंगा साबित हो रहा है, और यह स्थिति अब सहन के बाहर हो चुकी है। तीन बसें है, लेकिन आती एक भी नहीं है। अमित शर्मा, स्थानीय
मेरे लिए यह स्थिति बहुत कठिन हो गई है। हर सप्ताह द्रम्मण से टांडा अस्पताल जाना पड़ता है, लेकिन टैक्सी का सहारा लेना पड़ता है। जेब पर खूब कैंची चल रही है एक सप्ताह बस चलती है तो दूसरे सप्ताह फिर बंद हो जाती है। मान सिंह, स्थानीय निवासी


मामला ध्यान में लाया गया है। कई बार तकनीकी खराबी के चलते ऐसी समस्या उत्पन्न होती है। समस्या का जल्द समाधान करवा दिया जाएगा। विजय चौधरी, कार्यकारी आरएम, पठानकोट डिपो
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