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Chamba News: तीन मंजिल का अस्पताल, न लिफ्ट बनाई न रैंप, वार्डों में पीठ पर पहुंचाने पड़ रहे मरीज
Fri, 13 Sep 2024 10:25 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 13 Sep 2024 10:25 PM IST
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नागरिक अस्पताल चुवाड़ी।।संवाद
मुश्किल में मरीज 03
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तीन मंजिल का अस्पताल, न लिफ्ट बनाई न
रैंप, वार्डों में पीठ पर पहुंचाने पड़ रहे मरीज
चुवाड़ी अस्पताल पर निर्भर करती है 50 पंचायतों की पौने दो लाख की आबादी
आठ साल से रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से धूल फांक रही है अल्ट्रासाउंड मशीन
संवाद न्यूज एजेंसी
चुवाड़ी (चंबा)। लाखों रुपये खर्च कर तीन मंजिला सिविल अस्पताल चुवाड़ी का भवन तो बना दिया गया है, लेकिन इसमें न तो रैंप की व्यवस्था की गई है और न ही लिफ्ट की सुविधा उपलब्ध है।
ऐसे में तीमारदारों को पीठ पर उठाकर मरीज वार्डों तक पहुंचाने पड़ रहे हैं। मरीजों को दाखिल करने के लिए दूसरी से तीसरी मंजिल तक पीठ पर उठाकर पहुंचाना पड़ता है। अस्पताल में आठ साल से रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त है। इस कारण लाखों की अल्ट्रासाउंड मशीन भी धूल फांक रही है।
लोक निर्माण विभाग ने रैंप बनाने के लिए कई बार अस्पताल की पैमाइश तो की, लेकिन बात इससे आगे नहीं बढ़ पाई। हैरत की बात है कि 50 पंचायतों की पौने दो लाख की आबादी यहां पर स्वास्थ्य लाभ के लिए निर्भर है। बावजूद इसके स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर यहां मरीजों को महज ही रेफर किया जाता है। अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन विशेषज्ञ, समेत फार्मासिस्ट का एक पद और कलर्क का पद खाली है। भटियात के लोगों ने विधानसभा अध्यक्ष से अस्पताल की समस्याओं का समाधान करवाने की मांग उठाई है।
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रैंप न होने से लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में व्हील चेयर तो है, लेकिन मरीज को जब दाखिल किया जाता है तो उनको पीठ पर उठाकर ही कमरों तक लेकर जाना पड़ता है। - अजय चंबियाल
-- चुवाड़ी अस्पताल में लाखों रुपये खर्च कर अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित की गई है। बावजूद इसके करीब 7-8 साल से यह धूल फांक रही है। अल्ट्रासाउंड न होने के कारण मरीज को नूरपुर या पठानकोट जाना पड़ता है। -सुनील कुमार
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सिविल अस्पताल चुवाड़ी में हड्डी रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन विशेषज्ञ न होने के कारण लोगों को नूरपुर या पठानकोट का रुख करना पड़ता है। इससे मध्य और गरीब तबके के मरीजों को काफी परेशानियां उठानी पड़ती हैं। - नरेंद्र शर्मा
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चुवाड़ी अस्पताल में मेडिसिन विशेषज्ञ समेत महज एक ही फार्मासिस्ट तैनात हैं। इस वजह से अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने पर अकेले फार्मासिस्ट को दवाइयां देने परेशानियां उठानी पड़ती है। - सत्या पठानिया
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एसएमओ डॉ. शाम सिंह ने बताया कि अस्पताल में रैंप निर्माण को लेकर लोनिवि को कार्य सौंपा गया है। विभागीय कर्मचारी रैंप के लिए पैमाइश कर गए हैं। इसके अलावा रिक्त पदों को भरने के लिए आलाधिकारियों और सरकार को अवगत करवा दिया गया है।
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लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता विवेक कुमार ने बताया कि अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट और जनरेटर स्थापित होने के चलते रैंप बनाने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है। इस वजह से इस प्रकार की समस्या पेश आई है।
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तीन मंजिल का अस्पताल, न लिफ्ट बनाई न
रैंप, वार्डों में पीठ पर पहुंचाने पड़ रहे मरीज
चुवाड़ी अस्पताल पर निर्भर करती है 50 पंचायतों की पौने दो लाख की आबादी
आठ साल से रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से धूल फांक रही है अल्ट्रासाउंड मशीन
संवाद न्यूज एजेंसी
चुवाड़ी (चंबा)। लाखों रुपये खर्च कर तीन मंजिला सिविल अस्पताल चुवाड़ी का भवन तो बना दिया गया है, लेकिन इसमें न तो रैंप की व्यवस्था की गई है और न ही लिफ्ट की सुविधा उपलब्ध है।
ऐसे में तीमारदारों को पीठ पर उठाकर मरीज वार्डों तक पहुंचाने पड़ रहे हैं। मरीजों को दाखिल करने के लिए दूसरी से तीसरी मंजिल तक पीठ पर उठाकर पहुंचाना पड़ता है। अस्पताल में आठ साल से रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त है। इस कारण लाखों की अल्ट्रासाउंड मशीन भी धूल फांक रही है।
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लोक निर्माण विभाग ने रैंप बनाने के लिए कई बार अस्पताल की पैमाइश तो की, लेकिन बात इससे आगे नहीं बढ़ पाई। हैरत की बात है कि 50 पंचायतों की पौने दो लाख की आबादी यहां पर स्वास्थ्य लाभ के लिए निर्भर है। बावजूद इसके स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर यहां मरीजों को महज ही रेफर किया जाता है। अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन विशेषज्ञ, समेत फार्मासिस्ट का एक पद और कलर्क का पद खाली है। भटियात के लोगों ने विधानसभा अध्यक्ष से अस्पताल की समस्याओं का समाधान करवाने की मांग उठाई है।
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रैंप न होने से लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में व्हील चेयर तो है, लेकिन मरीज को जब दाखिल किया जाता है तो उनको पीठ पर उठाकर ही कमरों तक लेकर जाना पड़ता है। - अजय चंबियाल
सिविल अस्पताल चुवाड़ी में हड्डी रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन विशेषज्ञ न होने के कारण लोगों को नूरपुर या पठानकोट का रुख करना पड़ता है। इससे मध्य और गरीब तबके के मरीजों को काफी परेशानियां उठानी पड़ती हैं। - नरेंद्र शर्मा
चुवाड़ी अस्पताल में मेडिसिन विशेषज्ञ समेत महज एक ही फार्मासिस्ट तैनात हैं। इस वजह से अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने पर अकेले फार्मासिस्ट को दवाइयां देने परेशानियां उठानी पड़ती है। - सत्या पठानिया
एसएमओ डॉ. शाम सिंह ने बताया कि अस्पताल में रैंप निर्माण को लेकर लोनिवि को कार्य सौंपा गया है। विभागीय कर्मचारी रैंप के लिए पैमाइश कर गए हैं। इसके अलावा रिक्त पदों को भरने के लिए आलाधिकारियों और सरकार को अवगत करवा दिया गया है।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता विवेक कुमार ने बताया कि अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट और जनरेटर स्थापित होने के चलते रैंप बनाने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है। इस वजह से इस प्रकार की समस्या पेश आई है।