{"_id":"68c84b535fbc20b2070d2ed8","slug":"the-temple-of-education-was-renovated-villagers-laid-tiles-on-the-dilapidated-floor-chamba-news-c-88-1-ssml1004-160918-2025-09-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: शिक्षा के मंदिर को संवारा, जर्जर फर्श पर ग्रामीणों ने डाली टाइलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: शिक्षा के मंदिर को संवारा, जर्जर फर्श पर ग्रामीणों ने डाली टाइलें
Mon, 15 Sep 2025 10:52 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 15 Sep 2025 10:52 PM IST
विज्ञापन
राजकीय प्राथमिक पाठशाला कुंडा में जर्जर फर्श पर डालने के लिए लाई गई टाइलों संग अभिभावक। जागरूक
सलूणी (चंबा)। शिक्षा के मंदिर की जर्जर हालत को बदलने में स्थानीय लोगों ने मिसाल पेश की है। शिक्षा खंड सलूणी के तहत आने वाली राजकीय प्राथमिक पाठशाला कुंडा में स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) और ग्रामीणों ने आर्थिक सहयोग और श्रमदान कर कक्षाओं का कायाकल्प कर दिया। विद्यालय के तीन कमरों में नए टाइल फर्श बिछाकर बच्चों को स्वच्छ और आरामदायक माहौल उपलब्ध करवाया गया है।
विद्यालय प्रबंधन समिति की अध्यक्षा कांतो देवी ने बताया कि विद्यालय के तीनों कमरों का फर्श पूरी तरह उखड़ चुका था, जिस कारण बच्चों को बैठने में दिक्कत होती थी। इसे देखते हुए एसएमसी व ग्रामीणों ने मिलकर पहल की और कमरों में टाइलें डलवाईं। अब कमरे साफ-सुथरे और आकर्षक नजर आ रहे हैं। विद्यालय के प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि वर्तमान में विद्यालय में 79 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। नए फर्श से बच्चों को कक्षाओं में बैठने और पढ़ाई करने में आसानी होगी। उन्होंने अध्यापक नेक राज, एसएमसी सदस्यों और समुदाय के लोगों का आभार जताते हुए कहा कि इस सहयोग से विद्यालय रूपी मंदिर को संवारने का काम हुआ है।
विज्ञापन
विद्यालय प्रबंधन समिति की अध्यक्षा कांतो देवी ने बताया कि विद्यालय के तीनों कमरों का फर्श पूरी तरह उखड़ चुका था, जिस कारण बच्चों को बैठने में दिक्कत होती थी। इसे देखते हुए एसएमसी व ग्रामीणों ने मिलकर पहल की और कमरों में टाइलें डलवाईं। अब कमरे साफ-सुथरे और आकर्षक नजर आ रहे हैं। विद्यालय के प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि वर्तमान में विद्यालय में 79 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। नए फर्श से बच्चों को कक्षाओं में बैठने और पढ़ाई करने में आसानी होगी। उन्होंने अध्यापक नेक राज, एसएमसी सदस्यों और समुदाय के लोगों का आभार जताते हुए कहा कि इस सहयोग से विद्यालय रूपी मंदिर को संवारने का काम हुआ है।
विज्ञापन