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Chamba News: सत्संग भवन मुगला में बही ज्ञान की धारा
Sun, 21 Apr 2024 10:02 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 21 Apr 2024 10:02 PM IST
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चंबा के संत निरंकारी भवन मुगला में सत्संग सुनते श्रधालू।संवाद
चंबा। संत निरंकारी सत्संग भवन मुगला में महात्मा कैलाश की अध्यक्षता में सत्संग का आयोजन किया गया।
इस मौके पर दूरदराज के गांवों और कस्बों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उपस्थिति दर्ज करवाई। महात्मा कैलाश ने कहा कि मन की अजीब अवस्था है, यह साधक भी बन जाता है और बाधक और रुकावट का कारण भी बन जाता है। कहा कि जिस प्रकार भवन निर्माण सामग्री से जहां दीवारें बनाई जा सकती हैं। लोग एक-दूसरे के करीब आ जाते हैं, दीवारें खड़ी होती हैं तो हम दूर चले जाते हैं। आज इंसान दीवारें ही खड़ी करता जा रहा है। जाति- भाषाओं, नस्लों की यह दीवारें मानव में मानवता को खत्म करती जा रही हैं। वैर, ईर्ष्या,नफरत, द्वेष मानव के मनों में बढ़ता जा रहा है, ऐसी भावनाएं मानव के लिए विनाशकारी हैं। उन्हें संसार के प्रत्येक प्राणी में परमात्मा का ही रूप नजर आने लगता है। फिर मजहबों-मिल्लत, जात-पात, अमीरी- गरीबी वाली सारी दीवारें गिर जाती हैं। संवाद
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इस मौके पर दूरदराज के गांवों और कस्बों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उपस्थिति दर्ज करवाई। महात्मा कैलाश ने कहा कि मन की अजीब अवस्था है, यह साधक भी बन जाता है और बाधक और रुकावट का कारण भी बन जाता है। कहा कि जिस प्रकार भवन निर्माण सामग्री से जहां दीवारें बनाई जा सकती हैं। लोग एक-दूसरे के करीब आ जाते हैं, दीवारें खड़ी होती हैं तो हम दूर चले जाते हैं। आज इंसान दीवारें ही खड़ी करता जा रहा है। जाति- भाषाओं, नस्लों की यह दीवारें मानव में मानवता को खत्म करती जा रही हैं। वैर, ईर्ष्या,नफरत, द्वेष मानव के मनों में बढ़ता जा रहा है, ऐसी भावनाएं मानव के लिए विनाशकारी हैं। उन्हें संसार के प्रत्येक प्राणी में परमात्मा का ही रूप नजर आने लगता है। फिर मजहबों-मिल्लत, जात-पात, अमीरी- गरीबी वाली सारी दीवारें गिर जाती हैं। संवाद