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Chamba News: पालकी में चार किमी दूर समोट अस्पताल पहुंचाई प्रसव पीड़ा से कराह रही गर्भवती
Sat, 24 Feb 2024 07:21 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 24 Feb 2024 07:21 PM IST
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चंबा के भटियात में महिला मरीज को पालकी में लेकर जाते परिजन और ग्रामीण।विडियो ग्रेब
पालकी में चार किमी दूर समोट अस्पताल पहुंचाई प्रसव पीड़ा से कराह रही गर्भवती
ऊबड़-खाबड़ और जंगल के रास्ते से करते हैं सफर, बीमारी की हालत में अकसर पालकी ही होती है सहारा
ग्रामीण बोले - गांव तक सड़क पहुंचाने के लिए नहीं हुई पहल, आजादी के बाद आज तक नहीं मिली सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिहुंता (चंबा)। प्रसव पीड़ा से कराह रही गर्भवती महिला को पालकी में उठाकर चार किलोमीटर दूर अस्पताल पहुंचाना पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों को ऊबड़-खाबड़ और जंगल के रास्ते से होकर गुजरना पड़ा।
भटियात विधानसभा क्षेत्र की परसियारा पंचायत का गुमराहर गांव आजादी के सात दशक बाद भी सड़क से नहीं जुड़ा है। ऐसे में अकसर मरीजों को पालकी में ही अस्पताल ले जाना पड़ता है। सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में प्रसव पीड़ा से पीड़ित महिला को ग्रामीणों ने चार किलोमीटर पालकी के सहारे अस्पताल तक पहुंचाया। प्रसव के बाद भी महिला के लिए पालकी ही सहारा बनी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समोट में महिला का प्रसव हुआ।
ग्रामीणों में वार्ड सदस्य उत्तम चंद, सीटू राम, राजमल सिंह, निक्कू राम, स्वर्ण सिंह और पवन कुमार ने बताया कि गांव के लिए सड़क का इंतजार लंबा होता जा रहा है। इस बारे में सरकार और विभाग को कई बार अवगत करवा चुके हैं, मगर अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। उन्होंने विभाग से मांग की है कि गांव के लिए सड़क निर्माण की संभावनाएं तलाशी जाए।
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ग्राम पंचायत प्रधान रूमला देवी ने कहा कि दस साल से मांग कर रहे हैं, मगर आज तक सड़क निर्माण को लेकर कोई पहल नहीं हुई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सड़क का निर्माण किया जाए।
-- लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अनिल ठाकुर ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। पंचायत की ओर से सड़क संबंधी प्रस्ताव भेजा जाता है तो उसे स्वीकृति के लिए आगे भेज कर सड़क निर्माण को लेकर प्रयास किए जाएंगे।
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ऊबड़-खाबड़ और जंगल के रास्ते से करते हैं सफर, बीमारी की हालत में अकसर पालकी ही होती है सहारा
ग्रामीण बोले - गांव तक सड़क पहुंचाने के लिए नहीं हुई पहल, आजादी के बाद आज तक नहीं मिली सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिहुंता (चंबा)। प्रसव पीड़ा से कराह रही गर्भवती महिला को पालकी में उठाकर चार किलोमीटर दूर अस्पताल पहुंचाना पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों को ऊबड़-खाबड़ और जंगल के रास्ते से होकर गुजरना पड़ा।
भटियात विधानसभा क्षेत्र की परसियारा पंचायत का गुमराहर गांव आजादी के सात दशक बाद भी सड़क से नहीं जुड़ा है। ऐसे में अकसर मरीजों को पालकी में ही अस्पताल ले जाना पड़ता है। सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में प्रसव पीड़ा से पीड़ित महिला को ग्रामीणों ने चार किलोमीटर पालकी के सहारे अस्पताल तक पहुंचाया। प्रसव के बाद भी महिला के लिए पालकी ही सहारा बनी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समोट में महिला का प्रसव हुआ।
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ग्रामीणों में वार्ड सदस्य उत्तम चंद, सीटू राम, राजमल सिंह, निक्कू राम, स्वर्ण सिंह और पवन कुमार ने बताया कि गांव के लिए सड़क का इंतजार लंबा होता जा रहा है। इस बारे में सरकार और विभाग को कई बार अवगत करवा चुके हैं, मगर अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। उन्होंने विभाग से मांग की है कि गांव के लिए सड़क निर्माण की संभावनाएं तलाशी जाए।
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ग्राम पंचायत प्रधान रूमला देवी ने कहा कि दस साल से मांग कर रहे हैं, मगर आज तक सड़क निर्माण को लेकर कोई पहल नहीं हुई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सड़क का निर्माण किया जाए।