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Chamba News: गरीबों की आंखों तक नहीं पहुंच पाया इलाज का पैसा
Mon, 18 May 2026 10:50 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 18 May 2026 10:50 PM IST
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मेडिकल कॉलेज चंबा में 8.20 लाख रुपये की राशि से मुफ्त होने से 65 ऑपरेशन
15 मई तक किया जाना था खर्च, जिला कल्याण विभाग ने जारी की थी धनराशि
प्रबंधन ने जिला कल्याण अधिकारी, नेत्र रोग विभाग के एचओडी के साथ बुलाई बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। सरकार ने गरीबों की आंखों में रोशनी लौटाने के लिए लाखों रुपये भेजे लेकिन सिस्टम की सुस्ती ने उम्मीदों पर धूल जमा दी।
15 मई तक 65 मुफ्त ऑपरेशन होने थे लेकिन मेडिकल कॉलेज बजट खर्च करने की रणनीति ही तय नहीं कर पाया। जिला कल्याण विभाग ने पिछले महीने अस्पताल प्रबंधन को आठ लाख 20 हजार रुपये की धनराशि दी थी। इससे गरीब परिवारों से संबंध रखने वाले मरीजों की आंखों के मुफ्त ऑपरेशन होने थे। यह बजट 15 मई तक खत्म करना था। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन यही समझ नहीं पाया कि आखिरकार इस बजट को कैसे खर्च किया जाए। यही वजह है कि तय समय अवधि पूर्ण होने के बाद भी मरीजों के मुफ्त ऑपरेशन नहीं हो पाए। अब मुफ्त ऑपरेशन के लिए आया पैसा वापिस जाने के आसार पैदा हो गए हैं। हालांकि, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने जिला कल्याण अधिकारी और नेत्र रोग विभाग के एचओडी के साथ बैठक बुलाई है। इसमें इस पैसे को खर्च करने की रूपरेखा बनाई जाएगी।
हंसराज, केवल कुमार, चंदराम, किशोर गुप्ता, सुरेंद्र, भाग सिंह, अजय कुमार, नरेंद्र और रवि कुमार ने बताया कि सरकार अस्पतालों में हिम केयर और आयुष्मान योजना को बंद कर रही है। इससे गरीब मरीजों के लिए मुफ्त इलाज करवाना मुश्किल हो गया है। जब मुफ्त ऑपरेशन के लिए पैसा आया था तो उसका उपयोग मरीजों के इलाज पर होना चाहिए था। यदि पैसा वापस जाता है तो इसके लिए अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन जिम्मेदार होगा।
उधर, मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि मुफ्त ऑपरेशन के लिए जो पैसा आया है, उसे खर्च करने की रूपरेखा बनाई जा रही है। इस संबंध में जिला कल्याण अधिकारी से भी बात की जा रही है।
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15 मई तक किया जाना था खर्च, जिला कल्याण विभाग ने जारी की थी धनराशि
प्रबंधन ने जिला कल्याण अधिकारी, नेत्र रोग विभाग के एचओडी के साथ बुलाई बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। सरकार ने गरीबों की आंखों में रोशनी लौटाने के लिए लाखों रुपये भेजे लेकिन सिस्टम की सुस्ती ने उम्मीदों पर धूल जमा दी।
15 मई तक 65 मुफ्त ऑपरेशन होने थे लेकिन मेडिकल कॉलेज बजट खर्च करने की रणनीति ही तय नहीं कर पाया। जिला कल्याण विभाग ने पिछले महीने अस्पताल प्रबंधन को आठ लाख 20 हजार रुपये की धनराशि दी थी। इससे गरीब परिवारों से संबंध रखने वाले मरीजों की आंखों के मुफ्त ऑपरेशन होने थे। यह बजट 15 मई तक खत्म करना था। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन यही समझ नहीं पाया कि आखिरकार इस बजट को कैसे खर्च किया जाए। यही वजह है कि तय समय अवधि पूर्ण होने के बाद भी मरीजों के मुफ्त ऑपरेशन नहीं हो पाए। अब मुफ्त ऑपरेशन के लिए आया पैसा वापिस जाने के आसार पैदा हो गए हैं। हालांकि, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने जिला कल्याण अधिकारी और नेत्र रोग विभाग के एचओडी के साथ बैठक बुलाई है। इसमें इस पैसे को खर्च करने की रूपरेखा बनाई जाएगी।
हंसराज, केवल कुमार, चंदराम, किशोर गुप्ता, सुरेंद्र, भाग सिंह, अजय कुमार, नरेंद्र और रवि कुमार ने बताया कि सरकार अस्पतालों में हिम केयर और आयुष्मान योजना को बंद कर रही है। इससे गरीब मरीजों के लिए मुफ्त इलाज करवाना मुश्किल हो गया है। जब मुफ्त ऑपरेशन के लिए पैसा आया था तो उसका उपयोग मरीजों के इलाज पर होना चाहिए था। यदि पैसा वापस जाता है तो इसके लिए अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन जिम्मेदार होगा।
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उधर, मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि मुफ्त ऑपरेशन के लिए जो पैसा आया है, उसे खर्च करने की रूपरेखा बनाई जा रही है। इस संबंध में जिला कल्याण अधिकारी से भी बात की जा रही है।
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