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Chamba News: फायर सीजन शुरू होते ही दहकने लगे जिले के जंगल
Sun, 05 May 2024 09:39 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 05 May 2024 09:39 PM IST
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चंबा में पुखरी के पास जंगल में भड़की आग और उठता धुंआ।संवाद
चंबा। फायर सीजन शुरू होते ही जिले के जंगल भी दहकना शुरू हो गए हैं। रविवार को पुखरी के पास शरारती तत्वों ने जंगल में आग भड़का दी। देखते ही देखते पूरे जंगल में आग फैल गई।
वन विभाग की तरफ से वहां कोई भी वन रक्षक आग बुझाते नजर नहीं आया। हालांकि, वन विभाग ने जंगलों को आग से बचाने के लिए अपने कर्मचारियों की छुट्टियां तक रद्द कर दी हैं। बावजूद इसके इस तरह के दहक रहे जंगलों में वन विभाग के कर्मचारियों की दस्तक देखने को नहीं मिल रही है। इसमें कहीं न कहीं वन विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी पर भी संदेह दिखाई दे रहा है, क्योंकि पुखरी में सड़क के साथ लगते जंगल में आग लगने का मामला सामने आया है। यदि शहर के साथ लगने वाले जंगल आग से महफूज नहीं रहेंगे तो ग्रामीण क्षेत्रों के जंगलों में आग बेकाबू नजर आएगी। 15 अप्रैल से फायर सीजन शुरू होता है। यह जून तक चलता है। इसमें हर वर्ष लाखों रुपये की वन संपदा राख होती है। जंगल की आग में कई वन्य जीव भी जलकर मर जाते हैं। इसलिए ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग को बड़े स्तर पर योजना बनाने की आवश्यकता है। जंगलों में आग बुझाने के लिए वन विभाग के पास अभी तक अपने पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। दमकल विभाग की मदद लेकर वन विभाग जंगलों में लगने वाली आग को पानी की बौछार करके बुझाता है। मुख्य वन अरण्यपाल अभिलाष दामोदरन ने बताया कि जंगलो को आग से बचाने के लिए वन रक्षकों की छुट्टियां रद्द की गई हैं। सभी वन रक्षक अपने बीटों के जंगलों में पूरी निगरानी रखे हैं। उन्होंने लोगों से भी आग्रह किया है कि वे जंगलों में आग लगाने वालों की सूचना विभाग को दें, जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
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वन विभाग की तरफ से वहां कोई भी वन रक्षक आग बुझाते नजर नहीं आया। हालांकि, वन विभाग ने जंगलों को आग से बचाने के लिए अपने कर्मचारियों की छुट्टियां तक रद्द कर दी हैं। बावजूद इसके इस तरह के दहक रहे जंगलों में वन विभाग के कर्मचारियों की दस्तक देखने को नहीं मिल रही है। इसमें कहीं न कहीं वन विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी पर भी संदेह दिखाई दे रहा है, क्योंकि पुखरी में सड़क के साथ लगते जंगल में आग लगने का मामला सामने आया है। यदि शहर के साथ लगने वाले जंगल आग से महफूज नहीं रहेंगे तो ग्रामीण क्षेत्रों के जंगलों में आग बेकाबू नजर आएगी। 15 अप्रैल से फायर सीजन शुरू होता है। यह जून तक चलता है। इसमें हर वर्ष लाखों रुपये की वन संपदा राख होती है। जंगल की आग में कई वन्य जीव भी जलकर मर जाते हैं। इसलिए ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग को बड़े स्तर पर योजना बनाने की आवश्यकता है। जंगलों में आग बुझाने के लिए वन विभाग के पास अभी तक अपने पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। दमकल विभाग की मदद लेकर वन विभाग जंगलों में लगने वाली आग को पानी की बौछार करके बुझाता है। मुख्य वन अरण्यपाल अभिलाष दामोदरन ने बताया कि जंगलो को आग से बचाने के लिए वन रक्षकों की छुट्टियां रद्द की गई हैं। सभी वन रक्षक अपने बीटों के जंगलों में पूरी निगरानी रखे हैं। उन्होंने लोगों से भी आग्रह किया है कि वे जंगलों में आग लगाने वालों की सूचना विभाग को दें, जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
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