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दस साल रखी जाए स्थानांतरण की शर्त
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चंबा। बाहरी जिलों के चिकित्सक, अधिकारी और कर्मचारी चंबा में नौकरी नहीं करना चाहते हैं। यही कारण है कि मेडिकल कॉलेज चंबा सहित विभिन्न विभागों में चिकित्सकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के पद खाली पड़े हैं। विभागों में पदों के रिक्त होने का सीधा असर आम आदमियों पर पड़ रहा है। जिले का अति पिछड़ा होने का कारण भी यही है।
सरकार को इस समस्या के समाधान के लिए गंभीरता से विचार करना चाहिए। स्वास्थ्य सेवक चंबा के जिला संयोजक सतपाल ठाकुर ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से यह बात कही। कहा कि जिले के विभिन्न विभागों में खाली पदों को भरने के लिए चंबा में ही साक्षात्कार आयोजित किए जाने चाहिए और शर्त रखनी चाहिए कि दस वर्ष के बाद ही यहां से स्थानांतरण किया जाएगा। कहा कि सरकार को कुछ वर्गों का जिला कैडर कर देना चाहिए या सरकार को कड़ा स्थानांतरण कानून बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में सेवाएं देने के लिए कई चिकित्सकों को आदेश जारी हुए थे लेकिन, किसी ने अभी तक अपना पदभार नहीं संभाला है। यह समस्या काफी गंभीर है। जिले में विभिन्न विभागों में हजारों के हिसाब से पद खाली पड़े हुए हैं, जिस कारण आम लोगों के कार्य समय पर नहीं हो पाते हैं। कहा कि जिस भी चिकित्सक, अधिकारी या कर्मचारी का तबादला चंबा में होता है तो वह इन आदेशों को रद्द करवाने या समायोजन के चक्कर में रहता है। कभी-कभार किसी की पहली नियुक्ति चंबा में होती है तो वह भी अन्य जगह अपना समायोजन करवा लेता है और पद खाली रह जाता है।
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सरकार को इस समस्या के समाधान के लिए गंभीरता से विचार करना चाहिए। स्वास्थ्य सेवक चंबा के जिला संयोजक सतपाल ठाकुर ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से यह बात कही। कहा कि जिले के विभिन्न विभागों में खाली पदों को भरने के लिए चंबा में ही साक्षात्कार आयोजित किए जाने चाहिए और शर्त रखनी चाहिए कि दस वर्ष के बाद ही यहां से स्थानांतरण किया जाएगा। कहा कि सरकार को कुछ वर्गों का जिला कैडर कर देना चाहिए या सरकार को कड़ा स्थानांतरण कानून बनाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में सेवाएं देने के लिए कई चिकित्सकों को आदेश जारी हुए थे लेकिन, किसी ने अभी तक अपना पदभार नहीं संभाला है। यह समस्या काफी गंभीर है। जिले में विभिन्न विभागों में हजारों के हिसाब से पद खाली पड़े हुए हैं, जिस कारण आम लोगों के कार्य समय पर नहीं हो पाते हैं। कहा कि जिस भी चिकित्सक, अधिकारी या कर्मचारी का तबादला चंबा में होता है तो वह इन आदेशों को रद्द करवाने या समायोजन के चक्कर में रहता है। कभी-कभार किसी की पहली नियुक्ति चंबा में होती है तो वह भी अन्य जगह अपना समायोजन करवा लेता है और पद खाली रह जाता है।
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