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Chamba News: एचआरटीसी चंबा का हाल...हर मोड़ पर खड़ी खराब बसें
Sun, 30 Nov 2025 05:39 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 30 Nov 2025 05:39 AM IST
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पड़ताल:
रूट दो-दो दिन से बंद, निगम के पास भेजने के लिए अतिरिक्त बसें नहीं
एक माह में दस बार सड़क पर दम तोड़ गईं बसें, यात्री बोले -हालत खराब
मेंटेनेंस सिस्टम सवालों के घेरे में, समय पर सर्विस न होने से बढ़ रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। एचआरटीसी के चंबा डिपो की बस सेवाओं की बदहाली अब खुले तौर पर सामने आने लगी है। हाल यह है कि कई रूट दो-दो दिन तक ठप हैं, क्योंकि बसें बीच रास्ते में ही खराब हो रही हैं। डिपो के पास बसों की भारी कमी है, जिससे खराब बस के स्थान पर दूसरी बस भेजने का विकल्प तक नहीं है।
पिछले एक महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो डिपो की करीब दस बसें बनीखेत, पुखरी, भरमौर, भंजराडू, ईंटनाला, जंजला स्थान पर रास्ते में ही खराब हो चुकी हैं। इसका सीधा असर रोजाना यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ रहा है।
यात्रियों में राम किशन, योग राज, हेमंत कुमार, दौलत राम, किशोरी लाल, दलीप कुमार का कहना है कि आजकल सरकारी बसें जहां नजर आती हैं, वहां खराब खड़ी मिलती हैं। खासकर चंबा जैसे पहाड़ी जिले में, जहां परिवहन लोगों की मूलभूत जरूरत है, यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
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निगम की मरम्मत और सर्विसिंग व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। कई बार बस की तकनीकी समस्या की निगम को पहले ही रिपोर्ट कर दी जाती है, लेकिन समय पर रिपेयरिंग न होने और स्पेयर पार्ट्स की कमी के कारण बसें सड़क पर रुक जाती हैं। मेंटेनेंस शेड में स्टाफ की कमी और मशीनरी पुरानी होने से भी कार्य प्रभावित होता है। कहा कि सरकारी बसों की लगातार बिगड़ती हालत न केवल निगम की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि यह भी बताती है कि मेंटेनेंस प्रणाली में सुधार किए बिना यात्रियों की समस्याएं कम होना मुश्किल है।
डिपो में हैं 120 बसें
चंबा डिपो में पहले करीब 150 बसें थीं। इनमें से दस कंडम घोषित और बीस खराब पड़ी हैं। अब कुल मिलाकर 120 बसें जिला के विभिन्न रूटों पर दौड़ रही हैं। जो कहीं भी हांफ जा रही हैं।
इनसेट
स्टाफ की कमी के साथ बसों की भी कमी चल रही है। अतिरिक्त बसों की जरूरत है। इस बारे में उच्चाधिकारी को भी अवगत करवाया जा चुका है। उम्मीद है कि नए साल तक नई बसें चंबा डिपो को मिल जाएंगी। ।शुगल सिंह, डीडीएम एचआरटीसी
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रूट दो-दो दिन से बंद, निगम के पास भेजने के लिए अतिरिक्त बसें नहीं
एक माह में दस बार सड़क पर दम तोड़ गईं बसें, यात्री बोले -हालत खराब
मेंटेनेंस सिस्टम सवालों के घेरे में, समय पर सर्विस न होने से बढ़ रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। एचआरटीसी के चंबा डिपो की बस सेवाओं की बदहाली अब खुले तौर पर सामने आने लगी है। हाल यह है कि कई रूट दो-दो दिन तक ठप हैं, क्योंकि बसें बीच रास्ते में ही खराब हो रही हैं। डिपो के पास बसों की भारी कमी है, जिससे खराब बस के स्थान पर दूसरी बस भेजने का विकल्प तक नहीं है।
पिछले एक महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो डिपो की करीब दस बसें बनीखेत, पुखरी, भरमौर, भंजराडू, ईंटनाला, जंजला स्थान पर रास्ते में ही खराब हो चुकी हैं। इसका सीधा असर रोजाना यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ रहा है।
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यात्रियों में राम किशन, योग राज, हेमंत कुमार, दौलत राम, किशोरी लाल, दलीप कुमार का कहना है कि आजकल सरकारी बसें जहां नजर आती हैं, वहां खराब खड़ी मिलती हैं। खासकर चंबा जैसे पहाड़ी जिले में, जहां परिवहन लोगों की मूलभूत जरूरत है, यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
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निगम की मरम्मत और सर्विसिंग व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। कई बार बस की तकनीकी समस्या की निगम को पहले ही रिपोर्ट कर दी जाती है, लेकिन समय पर रिपेयरिंग न होने और स्पेयर पार्ट्स की कमी के कारण बसें सड़क पर रुक जाती हैं। मेंटेनेंस शेड में स्टाफ की कमी और मशीनरी पुरानी होने से भी कार्य प्रभावित होता है। कहा कि सरकारी बसों की लगातार बिगड़ती हालत न केवल निगम की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि यह भी बताती है कि मेंटेनेंस प्रणाली में सुधार किए बिना यात्रियों की समस्याएं कम होना मुश्किल है।
डिपो में हैं 120 बसें
चंबा डिपो में पहले करीब 150 बसें थीं। इनमें से दस कंडम घोषित और बीस खराब पड़ी हैं। अब कुल मिलाकर 120 बसें जिला के विभिन्न रूटों पर दौड़ रही हैं। जो कहीं भी हांफ जा रही हैं।
इनसेट
स्टाफ की कमी के साथ बसों की भी कमी चल रही है। अतिरिक्त बसों की जरूरत है। इस बारे में उच्चाधिकारी को भी अवगत करवाया जा चुका है। उम्मीद है कि नए साल तक नई बसें चंबा डिपो को मिल जाएंगी। ।शुगल सिंह, डीडीएम एचआरटीसी