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Chamba News: सरकारी–निजी स्कूल की धारणा तोड़ेंगी शिक्षिका जीवन बाला
Fri, 05 Sep 2025 10:01 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 05 Sep 2025 10:01 PM IST
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चंबा। राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वाली शिक्षिका जीवन बाला ने कहा कि अब वह सरकारी और निजी स्कूलों के बच्चों को लेकर अभिभावकों के बीच बनी धारणा को बदलने पर काम करेंगी।
उन्होंने कहा कि अकसर देखा गया है कि निजी स्कूलों में बच्चों को प्रवेश दिलाने के बाद अभिभावक उनकी पढ़ाई-लिखाई, रिपोर्ट कार्ड और दैनिक गतिविधियों पर गहरी नजर रखते हैं, जबकि सरकारी स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को पूरी तरह शिक्षकों के भरोसे छोड़ दिया जाता है। अभिभावक गंभीरता नहीं दिखाते, जिससे बच्चों की प्रगति प्रभावित होती है।
जीवन बाला ने कहा कि इस सोच को बदलने के लिए वह अब फील्ड स्तर पर अभिभावकों को जागरूक करेंगी। शिक्षिका को शिमला में राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया है। उल्लेखनीय है कि जीवन बाला ने राजकीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला मैहला में कार्यभार संभालने के बाद कई निजी स्कूलों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलवाया। उन्होंने सरकारी योजनाओं जैसे विभिन्न छात्रवृत्ति कार्यक्रमों में बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित की। उनके मार्गदर्शन में मैहला स्कूल के चार बच्चों ने मिडल मेरिट स्वर्ण जयंति योजना की परीक्षा पास की और तीन वर्ष के लिए छात्रवृत्ति हासिल की। जिला स्तरीय भाषण प्रतियोगिताओं में भी बच्चों ने पहला और दूसरा स्थान प्राप्त कर स्कूल का नाम रोशन किया। जीवन बाला का मानना है कि बच्चों की मेहनत को दिशा देने के साथ अभिभावकों की सक्रिय भूमिका से ही सरकारी स्कूलों की साख और मजबूत होगी।
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उन्होंने कहा कि अकसर देखा गया है कि निजी स्कूलों में बच्चों को प्रवेश दिलाने के बाद अभिभावक उनकी पढ़ाई-लिखाई, रिपोर्ट कार्ड और दैनिक गतिविधियों पर गहरी नजर रखते हैं, जबकि सरकारी स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को पूरी तरह शिक्षकों के भरोसे छोड़ दिया जाता है। अभिभावक गंभीरता नहीं दिखाते, जिससे बच्चों की प्रगति प्रभावित होती है।
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जीवन बाला ने कहा कि इस सोच को बदलने के लिए वह अब फील्ड स्तर पर अभिभावकों को जागरूक करेंगी। शिक्षिका को शिमला में राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया है। उल्लेखनीय है कि जीवन बाला ने राजकीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला मैहला में कार्यभार संभालने के बाद कई निजी स्कूलों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलवाया। उन्होंने सरकारी योजनाओं जैसे विभिन्न छात्रवृत्ति कार्यक्रमों में बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित की। उनके मार्गदर्शन में मैहला स्कूल के चार बच्चों ने मिडल मेरिट स्वर्ण जयंति योजना की परीक्षा पास की और तीन वर्ष के लिए छात्रवृत्ति हासिल की। जिला स्तरीय भाषण प्रतियोगिताओं में भी बच्चों ने पहला और दूसरा स्थान प्राप्त कर स्कूल का नाम रोशन किया। जीवन बाला का मानना है कि बच्चों की मेहनत को दिशा देने के साथ अभिभावकों की सक्रिय भूमिका से ही सरकारी स्कूलों की साख और मजबूत होगी।
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