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Chamba News: बिना एनेस्थीसिया विशेषज्ञ नहीं हो पा रही सर्जरी
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नागरिक अस्पताल किलाड़ में विशेषज्ञ ने नहीं किया ज्वाइन
सर्जन होने के बावजूद मरीजों को नहीं मिल रहा स्वास्थ्य लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद पांगी घाटी में पहली बार एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की तैनाती की उम्मीद जगी थी लेकिन प्रदेश सरकार ने उस उम्मीद को ही खत्म कर दिया। सरकार ने विशेषज्ञ की तैनाती होने से पहले ही उनकी तैनाती दूसरी जगह कर दी। इस कारण नागरिक अस्पताल किलाड़ में सर्जन होने के बावजूद मरीजों के ऑपरेशन नहीं हो पाएंगे। हालांकि, सर्जन डॉ. विशाल शर्मा कई बार बिना एनेस्थीसिया के भी सर्जरी कर चुके हैं लेकिन रूटीन के ऑपरेशन और मेजर सर्जरी करने के लिए एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की जरूरत होती है। मरीज को बेहोश करने में उनकी भूमिका काफी अहम रहती है। घाटी की 19 पंचायतों की आबादी अपनी बीमारी का इलाज करवाने के लिए नागरिक अस्पताल पर निर्भर रहती है। ऐसे में जब उन्हें पता चला कि यहां एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की तैनाती के आदेश जारी हुए हैं तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा लेकिन जब उन्हें यह पता चला कि अब वह विशेषज्ञ ज्वाइन नहीं करेंगे तो लोग मायूस हो गए।
स्थानीय लोगों हंसराज, प्रेम नाथ, सुरेंद्र कुमार, वीरेंद्र सिंह, योगराज, कमल कुमार, प्रकाश चंद और राजिंद्र ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद सरकार ने पांगी में विशेषज्ञ की तैनाती के आदेश जारी किए थे लेकिन लगता है कि सरकार पांगी के लोगों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर नहीं है। यही वजह है कि सरकार ने अपने ही आदेशों को बदल दिया है।
विधायक डॉ. जनकराज ने बताया कि उन्होंने भरमौर और पांगी में डॉक्टरों की कमी को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। इसके बाद न्यायालय ने सरकार को आदेश देकर यहां डॉक्टरों की तैनाती करने के लिए कहा लेकिन सरकार न्यायालय के आदेशों के बाद भी यहां विशेषज्ञों को भेजने के लिए तैयार नहीं है। कार्यकारी खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि एनेस्थीसिया विशेषज्ञ ने अभी तक पांगी में ज्वाइन नहीं किया है।
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सर्जन होने के बावजूद मरीजों को नहीं मिल रहा स्वास्थ्य लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद पांगी घाटी में पहली बार एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की तैनाती की उम्मीद जगी थी लेकिन प्रदेश सरकार ने उस उम्मीद को ही खत्म कर दिया। सरकार ने विशेषज्ञ की तैनाती होने से पहले ही उनकी तैनाती दूसरी जगह कर दी। इस कारण नागरिक अस्पताल किलाड़ में सर्जन होने के बावजूद मरीजों के ऑपरेशन नहीं हो पाएंगे। हालांकि, सर्जन डॉ. विशाल शर्मा कई बार बिना एनेस्थीसिया के भी सर्जरी कर चुके हैं लेकिन रूटीन के ऑपरेशन और मेजर सर्जरी करने के लिए एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की जरूरत होती है। मरीज को बेहोश करने में उनकी भूमिका काफी अहम रहती है। घाटी की 19 पंचायतों की आबादी अपनी बीमारी का इलाज करवाने के लिए नागरिक अस्पताल पर निर्भर रहती है। ऐसे में जब उन्हें पता चला कि यहां एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की तैनाती के आदेश जारी हुए हैं तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा लेकिन जब उन्हें यह पता चला कि अब वह विशेषज्ञ ज्वाइन नहीं करेंगे तो लोग मायूस हो गए।
स्थानीय लोगों हंसराज, प्रेम नाथ, सुरेंद्र कुमार, वीरेंद्र सिंह, योगराज, कमल कुमार, प्रकाश चंद और राजिंद्र ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद सरकार ने पांगी में विशेषज्ञ की तैनाती के आदेश जारी किए थे लेकिन लगता है कि सरकार पांगी के लोगों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर नहीं है। यही वजह है कि सरकार ने अपने ही आदेशों को बदल दिया है।
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विधायक डॉ. जनकराज ने बताया कि उन्होंने भरमौर और पांगी में डॉक्टरों की कमी को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। इसके बाद न्यायालय ने सरकार को आदेश देकर यहां डॉक्टरों की तैनाती करने के लिए कहा लेकिन सरकार न्यायालय के आदेशों के बाद भी यहां विशेषज्ञों को भेजने के लिए तैयार नहीं है। कार्यकारी खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि एनेस्थीसिया विशेषज्ञ ने अभी तक पांगी में ज्वाइन नहीं किया है।
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