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तिलक लगा स्कूलों में विद्यार्थियों का किया स्वागत
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राप्रापा कियाणी में स्कूल पहुंचने पर तिलक लगा नौनिहान का स्वागत करतीं अध्यापिका।
- फोटो : Chamba
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चंबा। दिन: सोमवार। समय: साढ़े नौ बजे। स्थान: राजकीय प्राथमिक पाठशाला कियाणी। दो साल बाद हंसते-खेलते वर्दी पहने नौनिहाल स्कूल पहुंच रहे हैं। स्कूल के गेट पर अध्यापिका हाथ में थाली लेकर बच्चों के स्वागत के लिए खड़ी हैं। सबसे पहले बच्चे अध्यापिका के चरण स्पर्श कर उनका आशीष लेते हैं। उसके बाद शिक्षिका बच्चों के माथे पर तिलक लगाकर वैश्विक महामारी से बचाव की कामना करते हुए उन्हें कक्षाओं में जाने की अनुमति दे रही हैं।
कक्षा के बाहर बच्चों की क्रमवार थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। समय पौने दस बजे। नन्हें बच्चे अपनी कक्षाओं में जाकर डेस्कों पर कोरना नियमों के तहत बैठ रहे हैं। इस दौरान बच्चे पढ़ाई को लेकर काफी उत्साहित हैं। समय दस बजे। मुख्य अध्यापिका शबाना बेगम कक्षा में पहुंचती हैं। वह बच्चों को कोरोना नियमों का पालन करते हुए किसी का मास्क प्रयोग न करने, सार्वजनिक दूरी के तहत अपने डेस्क पर बैठने और किसी के प्रयोग किए गए सामान का उपयोग न करने की हिदायत दे रही हैं। वहीं, बच्चों को हाथ सैनिटाइज करने की सलाह दी जाती है।
दो वर्ष बाद स्कूलों में विद्यार्थियों के पहुंचने पर विद्यालयों में भी रौनक लौट आती है। गौरतलब है कि वैश्विक महामारी के कारण बच्चों की पढ़ाई काफी हद तक प्रभावित हुई है। ऐसे में अब स्कूल खुलने से बच्चों और अभिभावकों ने राहत की सांस ली है।
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कक्षा के बाहर बच्चों की क्रमवार थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। समय पौने दस बजे। नन्हें बच्चे अपनी कक्षाओं में जाकर डेस्कों पर कोरना नियमों के तहत बैठ रहे हैं। इस दौरान बच्चे पढ़ाई को लेकर काफी उत्साहित हैं। समय दस बजे। मुख्य अध्यापिका शबाना बेगम कक्षा में पहुंचती हैं। वह बच्चों को कोरोना नियमों का पालन करते हुए किसी का मास्क प्रयोग न करने, सार्वजनिक दूरी के तहत अपने डेस्क पर बैठने और किसी के प्रयोग किए गए सामान का उपयोग न करने की हिदायत दे रही हैं। वहीं, बच्चों को हाथ सैनिटाइज करने की सलाह दी जाती है।
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दो वर्ष बाद स्कूलों में विद्यार्थियों के पहुंचने पर विद्यालयों में भी रौनक लौट आती है। गौरतलब है कि वैश्विक महामारी के कारण बच्चों की पढ़ाई काफी हद तक प्रभावित हुई है। ऐसे में अब स्कूल खुलने से बच्चों और अभिभावकों ने राहत की सांस ली है।
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