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Chamba News: पहाड़ी से गिरे पत्थर, तीन लोग घायल
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चंबा। सरोथा नाले से होकर गुजरते समय पहाड़ी से गिर रहे पत्थरों की चपेट में आने से दो युवतियां और एक व्यक्ति चोटिल हो गए। घायलों की पहचान जय कुमार पुत्र बुधिया राम गांव बटकर, चांदनी पुत्री गजिंद्र और पायल पुत्री परसराम के रूप में हुई है। घायलावस्था में तीनों को मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचाया गया। यहां से चांदनी और जयकुमार को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया जबकि पायल की टांग में लगी चोट के चलते उसे मेडिकल कॉलेज चंबा में दाखिल कर लिया गया है। बहरहाल, अब युवती की हालत में सुधार बताया जा रहा है। सरोथा नाले में होने वाले भूस्खलन का शहर के प्रबुद्धजनों ने जिला प्रशासन से स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।
गौरतलब है कि सरोथा नाले में निर्माणाधीन पुल के कार्य के दौरान सड़क जमींदोज होने से जलशक्ति विभाग की पेयजल लाइनें भी टूट चुकी हैं। इससे कुछ दिन तक पेयजल की आपूर्ति शहर में बंद रही। इतना ही नहीं पेयजल लाइनों को जलशक्ति विभाग के कर्मियों की ओर से ठीक करने के बाद दोबारा हुए भूस्खलन से मार्ग भी बाधित होता रहा। बीते रोज फुलनू टाला की ओर से जयकुमार, चांदनी और पायल अपने रिश्तेदार के घर शहर की ओर वाया सरोथा होकर लौट रहे थे। इतने में पहाड़ी से गिर रहे पत्थरों की चपेट में आने से वे चोटिल हो गए। प्रबुद्धजनों गजिंद्र कुमार, डीके सोनी, भूपेंद्र जसरोटिया, लेखराज, अशोक कुमार, नरेश कुमार, प्रदीप कुमार, राकेश कुमार आदि ने बताया कि यह मार्ग अब काफी संवेदनशील हो चुका है। जिला प्रशासन को समय रहते यहां पर आवाजाही करने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध करने चाहिए। बताया कि मार्ग से होकर साहो, कीड़ी, लग्गा, सराहन, भाला, ककियां, उटीप, पनैला, पल्यूर, सिल्लाघ्राट, जड़ेरा आदि दर्जनों पंचायतों से सैकड़ों लोगों की तादाद में आवाजाही रहती है।
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गौरतलब है कि सरोथा नाले में निर्माणाधीन पुल के कार्य के दौरान सड़क जमींदोज होने से जलशक्ति विभाग की पेयजल लाइनें भी टूट चुकी हैं। इससे कुछ दिन तक पेयजल की आपूर्ति शहर में बंद रही। इतना ही नहीं पेयजल लाइनों को जलशक्ति विभाग के कर्मियों की ओर से ठीक करने के बाद दोबारा हुए भूस्खलन से मार्ग भी बाधित होता रहा। बीते रोज फुलनू टाला की ओर से जयकुमार, चांदनी और पायल अपने रिश्तेदार के घर शहर की ओर वाया सरोथा होकर लौट रहे थे। इतने में पहाड़ी से गिर रहे पत्थरों की चपेट में आने से वे चोटिल हो गए। प्रबुद्धजनों गजिंद्र कुमार, डीके सोनी, भूपेंद्र जसरोटिया, लेखराज, अशोक कुमार, नरेश कुमार, प्रदीप कुमार, राकेश कुमार आदि ने बताया कि यह मार्ग अब काफी संवेदनशील हो चुका है। जिला प्रशासन को समय रहते यहां पर आवाजाही करने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध करने चाहिए। बताया कि मार्ग से होकर साहो, कीड़ी, लग्गा, सराहन, भाला, ककियां, उटीप, पनैला, पल्यूर, सिल्लाघ्राट, जड़ेरा आदि दर्जनों पंचायतों से सैकड़ों लोगों की तादाद में आवाजाही रहती है।
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