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Chamba News: स्तकना रिंपोछे ने पांगीवासियों को दिया आशीर्वाद
Wed, 23 Sep 2026 10:20 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 23 Sep 2026 10:20 PM IST
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किलाड़ पहुंचने पर पांगीवासियों ने किया स्वागत, केलांग के लिए रवाना हुआ काफिला
स्तकना मठ के मुख्य लामा के आगमन से बौद्ध समुदाय में दिखा उत्साह
संवाद न्यूज एजेंसी
पांगी (चंबा)। लद्दाख के ऐतिहासिक स्तकना मठ के मुख्य लामा और आध्यात्मिक गुरु एचई स्तकना रिंपोछे ने अपना पाडर दौरा पूरा करने के बाद किलाड़ पहुंचकर पांगी घाटी के लोगों को आशीर्वाद दिया।
किलाड़ पहुंचने पर एचबीसी एंड डब्ल्यूएस सोग्पा के सदस्यों ने होटल चंद्रभागा में उनका स्वागत किया। इस दौरान सदस्यों ने उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की और पांगी घाटी में उनके आगमन को सौभाग्य का अवसर बताया।
स्तकना रिंपोछे तिब्बती बौद्ध धर्म के ड्रुकपा काग्यु संप्रदाय से जुड़े हैं और उन्हें स्तकना तुल्कु का अवतार माना जाता है। यह परंपरा ड्रुकपा भिक्षु परंपरा से जुड़ी है और लद्दाख सहित हिमालयी क्षेत्रों में इसका विशेष आध्यात्मिक महत्व है।
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किलाड़ में उनके आगमन से स्थानीय लोगों और बौद्ध समुदाय में उत्साह रहा। इस दौरान स्तकना रिंपोछे ने क्षेत्र के लोगों को आशीर्वाद दिया। कुछ समय किलाड़ में रुकने के बाद वह अपने दल के साथ केलांग के लिए रवाना हो गए। स्थानीय लोगों ने कहा कि आध्यात्मिक गुरु का पांगी घाटी में पहुंचना क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखता है। उनके आगमन से लोगों में खुशी का माहौल रहा।
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स्तकना मठ के मुख्य लामा के आगमन से बौद्ध समुदाय में दिखा उत्साह
संवाद न्यूज एजेंसी
पांगी (चंबा)। लद्दाख के ऐतिहासिक स्तकना मठ के मुख्य लामा और आध्यात्मिक गुरु एचई स्तकना रिंपोछे ने अपना पाडर दौरा पूरा करने के बाद किलाड़ पहुंचकर पांगी घाटी के लोगों को आशीर्वाद दिया।
किलाड़ पहुंचने पर एचबीसी एंड डब्ल्यूएस सोग्पा के सदस्यों ने होटल चंद्रभागा में उनका स्वागत किया। इस दौरान सदस्यों ने उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की और पांगी घाटी में उनके आगमन को सौभाग्य का अवसर बताया।
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स्तकना रिंपोछे तिब्बती बौद्ध धर्म के ड्रुकपा काग्यु संप्रदाय से जुड़े हैं और उन्हें स्तकना तुल्कु का अवतार माना जाता है। यह परंपरा ड्रुकपा भिक्षु परंपरा से जुड़ी है और लद्दाख सहित हिमालयी क्षेत्रों में इसका विशेष आध्यात्मिक महत्व है।
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किलाड़ में उनके आगमन से स्थानीय लोगों और बौद्ध समुदाय में उत्साह रहा। इस दौरान स्तकना रिंपोछे ने क्षेत्र के लोगों को आशीर्वाद दिया। कुछ समय किलाड़ में रुकने के बाद वह अपने दल के साथ केलांग के लिए रवाना हो गए। स्थानीय लोगों ने कहा कि आध्यात्मिक गुरु का पांगी घाटी में पहुंचना क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखता है। उनके आगमन से लोगों में खुशी का माहौल रहा।