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Chamba News: शुरू होनी थी स्मार्ट पढ़ाई, बंद पड़े बूचड़खाने में लगा दीं कक्षाएं
Thu, 17 Oct 2024 10:02 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 17 Oct 2024 10:02 PM IST
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चंबा की राजकीय उच्च पाठशाला पक्काटाला। संवाद
चंबा। मिडल स्कूल पक्काटाला का भवन असुरक्षित घोषित हो गया तो विद्यार्थियों को बंद पड़े बूचड़खाने के भवन में कक्षाएं लगाने के लिए बैठा दिया गया। जिस स्कूल में स्मार्ट कक्षाएं शुरू करने के दावे किए जा रहे थे, उसके नए भवन के लिए जमीन तक नहीं मिल पा रही है।
स्मार्ट कक्षाएं शुरू करने के लिए बाकायदा एक करोड़ 25 लाख रुपये का बजट स्वीकृत हो चुका है। बावजूद इसके अभी तक जमीन नहीं मिल पाई है।
वर्तमान में भी विद्यार्थियों को बूचड़खाने के पुराने भवन में ही कक्षाएं लगानी पड़ रही हैं। इससे पहले पक्काटाला स्थित मंदिर के समीप विद्यालय में प्राथमिक और उच्च पाठशाला की कक्षाएं एक साथ लगती थीं। स्कूल का नया भवन बनाने के लिए अभी तक जमीन नहीं मिल पाई है। उच्च पाठशाला पक्काटाला को स्मार्ट स्कूल के रूप में बनाने के लिए शासन और प्रशासन ने प्रयास किए। इसके लिए स्कूल के लिए करीब एक करोड़ 25 लाख रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था।
हैरत की बात है कि लंबा अरसा बीतने के बाद भी आज तक स्मार्ट स्कूल का भवन तक नहीं बन पाया है। इसे विभागीय लेटलतीफी कहें या कागजी कार्रवाई की धीमी रफ्तार। वर्तमान में विद्यालय के 27 विद्यार्थी बंद पड़े बूचड़खाने में ही शिक्षा अर्जित करने पर विवश हैं। वर्तमान में विद्यालय भवन के आस-पास सीवरेज का गंदा पानी रिसता रहता है। इससे विद्यार्थी बीमारी की चपेट में भी आ सकते हैं। कई बार मोहल्ले के लोग भी शासन-प्रशासन और विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाकर थक चुके हैं, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि विद्यालय के लिए लोक निर्माण विभाग के पुराने भवन को डिस्मेंटल कर वहां पर विद्यालय बनाने की योजना हैं, लेकिन अभी तक विभाग भवन को डिस्मेंटल नहीं कर सका है।
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उधर, उच्च शिक्षा विभाग के उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क ने बताया कि विद्यालय के लिए लोनिवि की पुराने भवन की जमीन स्वीकृत है। सीएसआर के जरिये इस भवन का निर्माण होना है। बताया कि शिक्षा विभाग के नाम जमीन हो चुकी है। अब महज उक्त भवन को डिस्पोजल करने की देरी है। बताया कि आगामी दिनों में भवन डिस्पोज होने पर नये भवन का निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
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स्मार्ट कक्षाएं शुरू करने के लिए बाकायदा एक करोड़ 25 लाख रुपये का बजट स्वीकृत हो चुका है। बावजूद इसके अभी तक जमीन नहीं मिल पाई है।
वर्तमान में भी विद्यार्थियों को बूचड़खाने के पुराने भवन में ही कक्षाएं लगानी पड़ रही हैं। इससे पहले पक्काटाला स्थित मंदिर के समीप विद्यालय में प्राथमिक और उच्च पाठशाला की कक्षाएं एक साथ लगती थीं। स्कूल का नया भवन बनाने के लिए अभी तक जमीन नहीं मिल पाई है। उच्च पाठशाला पक्काटाला को स्मार्ट स्कूल के रूप में बनाने के लिए शासन और प्रशासन ने प्रयास किए। इसके लिए स्कूल के लिए करीब एक करोड़ 25 लाख रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था।
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हैरत की बात है कि लंबा अरसा बीतने के बाद भी आज तक स्मार्ट स्कूल का भवन तक नहीं बन पाया है। इसे विभागीय लेटलतीफी कहें या कागजी कार्रवाई की धीमी रफ्तार। वर्तमान में विद्यालय के 27 विद्यार्थी बंद पड़े बूचड़खाने में ही शिक्षा अर्जित करने पर विवश हैं। वर्तमान में विद्यालय भवन के आस-पास सीवरेज का गंदा पानी रिसता रहता है। इससे विद्यार्थी बीमारी की चपेट में भी आ सकते हैं। कई बार मोहल्ले के लोग भी शासन-प्रशासन और विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाकर थक चुके हैं, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि विद्यालय के लिए लोक निर्माण विभाग के पुराने भवन को डिस्मेंटल कर वहां पर विद्यालय बनाने की योजना हैं, लेकिन अभी तक विभाग भवन को डिस्मेंटल नहीं कर सका है।
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उधर, उच्च शिक्षा विभाग के उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क ने बताया कि विद्यालय के लिए लोनिवि की पुराने भवन की जमीन स्वीकृत है। सीएसआर के जरिये इस भवन का निर्माण होना है। बताया कि शिक्षा विभाग के नाम जमीन हो चुकी है। अब महज उक्त भवन को डिस्पोजल करने की देरी है। बताया कि आगामी दिनों में भवन डिस्पोज होने पर नये भवन का निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।