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Chamba News: न्यू बस स्टैंड से शहर पहुंचना बना चुनौती
Tue, 18 Nov 2025 10:53 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 18 Nov 2025 10:53 PM IST
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चंबा के कसाकड़ा मार्ग से पैदल आवाजाही करते लोग।संवाद
चंबा। नए बस स्टैंड कसाकड़ा से शहर तक पहुंचना बुजुर्गों, महिलाओं और बाहरी जिलों से आने वाले यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। न्यू बस स्टैंड से पुराने बस स्टैंड सपड़ी तक निरंतर बस सेवा न होने के कारण लोगों को लगभग दो किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पैदल तय करनी पड़ रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों और अन्य जिलों से भारी सामान सहित आने वाले लोगों के लिए शहर तक पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है।न्यू बस स्टैंड से टैक्सी लेकर शहर पहुंचने पर यात्रियों को 250 से 350 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं, जिससे यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। जिले के कई सामाजिक संगठन लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि या तो न्यू बस स्टैंड को स्थानांतरित कर भरमौर चौक पर स्थापित किया जाए या फिर न्यू बस स्टैंड से पुराने बस स्टैंड तक नियमित बस सेवा चलाई जाए। हालांकि आवाज उठाए जाने के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
नए बस अड्डे से मुख्य बाजार तक पहुंचना मंहगा पड़ रहा है। कसाकड़ा से इतनी चढ़ाई चढ़कर मुख्य बाजार तक पहुंचना थका देता है। नियमित बस सेवा न होने से लोगों को शारीरिक और आर्थिक तौर पर परेशान होना पड़ रहा है। सत्य प्रकाश वैद, शहरवासी
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पुराने बस अड्डे तक लोकल रूट की बसें न चलने से लोग पैदल ही नए बस अड्डे से मुख्य बाजार तक पहुंचने के लिए विवश हैं। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं को आवाजाही करने में परेशानी आ रही है। कई बार आवाज उठा चुके हैं, लेकिन समस्या हल नहीं हुई। उत्तम चंद, शहरवासी
न्यू बस स्टैंड से पुराने बस स्टैंड तक नियमित बस सेवाएं न होने के कारण लोगों को मजबूरन शहर तक पहुंचने के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। कई लोग मजबूरन दो किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़कर गांधी गेट तक पहुंचने के लिए विवश हैं। जिला प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने चाहिए। आईपी शर्मा, शहरवासी
लोगों की सहूलियत के लिए एचआरटीसी प्रबंधन और निजी बस ऑपरेटरों को स्थानीय रूटों की बसों को न्यू बस स्टैंड और आसपास से पुराने बस स्टैंड तक चलाया जाना चाहिए। इससे लोगों को न्यू बस स्टैंड से वाया कसाकड़ा होकर शहर में पहुंचने से राहत मिल सके। चैन लाल, शहरवासी
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ग्रामीण क्षेत्रों और अन्य जिलों से भारी सामान सहित आने वाले लोगों के लिए शहर तक पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है।न्यू बस स्टैंड से टैक्सी लेकर शहर पहुंचने पर यात्रियों को 250 से 350 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं, जिससे यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। जिले के कई सामाजिक संगठन लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि या तो न्यू बस स्टैंड को स्थानांतरित कर भरमौर चौक पर स्थापित किया जाए या फिर न्यू बस स्टैंड से पुराने बस स्टैंड तक नियमित बस सेवा चलाई जाए। हालांकि आवाज उठाए जाने के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
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नए बस अड्डे से मुख्य बाजार तक पहुंचना मंहगा पड़ रहा है। कसाकड़ा से इतनी चढ़ाई चढ़कर मुख्य बाजार तक पहुंचना थका देता है। नियमित बस सेवा न होने से लोगों को शारीरिक और आर्थिक तौर पर परेशान होना पड़ रहा है। सत्य प्रकाश वैद, शहरवासी
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पुराने बस अड्डे तक लोकल रूट की बसें न चलने से लोग पैदल ही नए बस अड्डे से मुख्य बाजार तक पहुंचने के लिए विवश हैं। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं को आवाजाही करने में परेशानी आ रही है। कई बार आवाज उठा चुके हैं, लेकिन समस्या हल नहीं हुई। उत्तम चंद, शहरवासी
न्यू बस स्टैंड से पुराने बस स्टैंड तक नियमित बस सेवाएं न होने के कारण लोगों को मजबूरन शहर तक पहुंचने के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। कई लोग मजबूरन दो किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़कर गांधी गेट तक पहुंचने के लिए विवश हैं। जिला प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने चाहिए। आईपी शर्मा, शहरवासी
लोगों की सहूलियत के लिए एचआरटीसी प्रबंधन और निजी बस ऑपरेटरों को स्थानीय रूटों की बसों को न्यू बस स्टैंड और आसपास से पुराने बस स्टैंड तक चलाया जाना चाहिए। इससे लोगों को न्यू बस स्टैंड से वाया कसाकड़ा होकर शहर में पहुंचने से राहत मिल सके। चैन लाल, शहरवासी