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जिले में 2600 लोगों को किया गया होम क्वारंटीन
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चंबा। बाहरी राज्यों और जिलों से चंबा जिला में पहुंचे 2600 लोगों को होम क्वारंटीन किया गया है। होम क्वारंटीन किए गए लोगों के घरों की दीवार पर पीले पोस्टर चस्पां किए गए हैं। अन्य लोगों की सुरक्षा और एहतियात के तौर पर इन लोगों पर नजर रखने की पूरी जिम्मेवारी पंचायत प्रतिनिधियों और सचिवों को सौंपी गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बाकायदा इन लोगों की रोजाना स्क्रीनिंग करने का जिम्मा आंगनबाड़ी वर्कर और आशा वर्करों को सौंपा गया है। कुल मिलाकर बाहरी राज्यों से आकर होम क्वारंटीन में रखे गए लोगों को भी 28 दिनों तक घरों में ही रहना अनिवार्य है। इन लोगों पर पुलिस विभाग सहित अन्य विभाग भी पूरी मुस्तैदी के साथ निगाह रख रहे हैं।
गौरतलब हो कि कोविड-19 के संकट के बीच कुछ हद तक स्थिति अनुकूल होने पर सरकार और प्रशासन की ओर से बाहरी राज्यों में शिक्षा, नौकरी सहित अन्य कार्यों के लिए गए लोगों की घर वापसी के लिए हामी भरी है। इसके तहत जिला चंबा में 20 अप्रैल से लेकर अब तक 2600 लोग आ चुके हैं। बाहर से पास लेकर पहुंचने वाले लोगों की सांझी नाला में दो टीमें, हटली दो टीमें और बाथरी में तीन टीमों की स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैनाती की गई है। इसके अलावा पुलिस विभाग की ओर से जिले के बार्डरों सहित चप्पे-चप्पे पर निगरानी के लिए नाके लगा कर टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा कई शॉर्ट कट रास्तों पर भी पुलिस बल तैनात है। बाहरी राज्यों से जिला की सीमाओं में दाखिल होने वाले 2600 लोगों की थर्मल स्कैनिंग करने के बाद इन लोगों में किसी प्रकार के कोरोना संक्रमण संबंधी लक्षण न मिलने पर होम क्वारंटीन किया गया है। इतना, ही नहीं इन लोगों को 28 दिन तक घरों में रहने संबंधी सख्त निर्देश जारी किए गए है। प्रशासन की ओर से एहतियात के तौर पर इन लोगों के घरों की दीवारों पर पीले पोस्टर भी चस्पां हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा संबंधित क्षेत्रों के बीएमओ को निर्देश जारी कर आंगनबाड़ी वर्कर और आशा वर्करों की ओर से रोजाना इनकी स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। तो वहीं, होम क्वारंटीन में रखे लोग घरों से बाहर न निकले इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों और सचिवों की जिम्मेवारी भी निर्धारित की गई है।
पंचायत प्रतिनिधि और सचिव की जिम्मेदारी तय
सीएमओ चंबा डॉ. राजेश गुलेरी ने इसकी पुष्टि की है। कहा कि 20 अप्रैल से लेकर अब तक 2600 लोग जिला में प्रवेश करके होम क्वारंटीन कर दीवार पर ओरेंज पोस्टर चिपकाए गए हैं। कहा कि सांझी नाला और हटली नाके पर स्वास्थ्य विभाग की दो-दो टीमें लोगों की जांच के लिए तैनात की गई है। जिसके तहत बाकायदा बाहर से आने वाले लोगों की पूरी जानकारी एकत्रित की जाती है। कहा कि आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्करों द्वारा इन लोगों की स्क्रीनिंग करने बारे बीएमओ को निर्देश जारी किए गए हैं। जबकि, पंचायत प्रतिनिधि व सचिव इन पर नजर रखते हैं। जिसके लिए उनकी जिम्मेवारी तय की गई है।
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गौरतलब हो कि कोविड-19 के संकट के बीच कुछ हद तक स्थिति अनुकूल होने पर सरकार और प्रशासन की ओर से बाहरी राज्यों में शिक्षा, नौकरी सहित अन्य कार्यों के लिए गए लोगों की घर वापसी के लिए हामी भरी है। इसके तहत जिला चंबा में 20 अप्रैल से लेकर अब तक 2600 लोग आ चुके हैं। बाहर से पास लेकर पहुंचने वाले लोगों की सांझी नाला में दो टीमें, हटली दो टीमें और बाथरी में तीन टीमों की स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैनाती की गई है। इसके अलावा पुलिस विभाग की ओर से जिले के बार्डरों सहित चप्पे-चप्पे पर निगरानी के लिए नाके लगा कर टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा कई शॉर्ट कट रास्तों पर भी पुलिस बल तैनात है। बाहरी राज्यों से जिला की सीमाओं में दाखिल होने वाले 2600 लोगों की थर्मल स्कैनिंग करने के बाद इन लोगों में किसी प्रकार के कोरोना संक्रमण संबंधी लक्षण न मिलने पर होम क्वारंटीन किया गया है। इतना, ही नहीं इन लोगों को 28 दिन तक घरों में रहने संबंधी सख्त निर्देश जारी किए गए है। प्रशासन की ओर से एहतियात के तौर पर इन लोगों के घरों की दीवारों पर पीले पोस्टर भी चस्पां हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा संबंधित क्षेत्रों के बीएमओ को निर्देश जारी कर आंगनबाड़ी वर्कर और आशा वर्करों की ओर से रोजाना इनकी स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। तो वहीं, होम क्वारंटीन में रखे लोग घरों से बाहर न निकले इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों और सचिवों की जिम्मेवारी भी निर्धारित की गई है।
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पंचायत प्रतिनिधि और सचिव की जिम्मेदारी तय
सीएमओ चंबा डॉ. राजेश गुलेरी ने इसकी पुष्टि की है। कहा कि 20 अप्रैल से लेकर अब तक 2600 लोग जिला में प्रवेश करके होम क्वारंटीन कर दीवार पर ओरेंज पोस्टर चिपकाए गए हैं। कहा कि सांझी नाला और हटली नाके पर स्वास्थ्य विभाग की दो-दो टीमें लोगों की जांच के लिए तैनात की गई है। जिसके तहत बाकायदा बाहर से आने वाले लोगों की पूरी जानकारी एकत्रित की जाती है। कहा कि आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्करों द्वारा इन लोगों की स्क्रीनिंग करने बारे बीएमओ को निर्देश जारी किए गए हैं। जबकि, पंचायत प्रतिनिधि व सचिव इन पर नजर रखते हैं। जिसके लिए उनकी जिम्मेवारी तय की गई है।
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