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Chamba News: चंबा में मजदूर यूनियनों का धरना-प्रदर्शन, केंद्र के खिलाफ नारेबाजी

Fri, 16 Feb 2024 10:37 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Fri, 16 Feb 2024 10:37 PM IST
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Protest by labor unions in Chamba, sloganeering against the Centre.
चंबा। जिला चंबा में सीटू के पदाधिकारियों ने मिड-डे मील वर्कर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित विभिन्न मजदूर यूनियनों के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन किया।
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इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इससे पहले शहर में रोष रैली निकाली गई। सीटू के जिला अध्यक्ष नरेंद्र कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार पूरी तरह पूंजीपतियों के साथ खड़ी हो गई है। आर्थिक संसाधनों को आम जनता से छीनकर अमीरों के हवाले करने के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। इससे केवल पूंजीपतियों, उद्योगपतियों और कॉरपोरेट घरानों को फायदा होने वाला है और गरीब ओर ज्यादा गरीब होगा। मिड-डे मील वर्करों की अनदेखी की जा रही है। मिड-डे मील वर्करों को संतोषजनक वेतन नहीं मिल रहा है। सामाजिक सुरक्षा भी नहीं दी जा रही है। 25 बच्चों के नाम पर कई मिड-डे मील वर्करों को निकाला जा रहा है। हाल ही में केंद्र सरकार ने अंतरिम बजट जारी किया है। इसमें आंगनबाड़ी स्कीम में करोड़ों रुपये की कटौती कर दी है। दोनों योजनाओं को सरकार निजी हाथों में सौंपना चाहती है। हाइड्रो प्रोजेक्ट में श्रम कानून नाम मात्र हैं। कंपनी और ठेकेदार मजदूरों का शोषण कर रही हैं। जिला महासचिव सुदेश ने कहा कि अच्छे दिन का वायदा करने वाली गरीब हितैषी का दम भरने वाली केंद्र सरकार गरीबों को खत्म करने पर तूली हुई है। बताया कि मजदूरों के 26 हज़ार रुपये न्यूनतम वेतन की मांग गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। केंद्र सरकार ने पिछले पांच वर्षों में आंगनबाड़ी कर्मियों के वेतन में एक भी रुपये की बढ़ोतरी नहीं की है। पिछले पंद्रह वर्षों में मिड डे मील कर्मियों के वेतन में एक भी रुपये की बढ़ोतरी नहीं की है। मजदूरों व कर्मचारियों के लिए खजाना खाली होने का रोना रोने वाली केन्द्र सरकार ने पूंजीपतियों से लाखों करोड़ रुपये के बकाया टैक्स को वसूलने पर एक शब्द तक नहीं बोला है। इसके विपरीत पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए कॉरपोरेट टैक्स को घटा दिया गया है। टैक्स चोरी करने वाले पूंजीपतियों को सरकार ने पिछले पांच वर्षों में लगातार संरक्षण दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि मिड-डे मील, मजदूरों और आंगनबाड़ी वर्करों के लिए स्थायी नीति बनाई जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सकें। वहीं, दूसरी तरफ चुवाड़ी, भरमौर, तीसा में सीटू के बैनर तले विभिन्न यूनियनों ने प्रदर्शन किया।
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