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नवजात की मौत को लेकर मेडिकल बोर्ड कर सकता है जांच
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चंबा। मेडिकल कॉलेज में नवजात की मौत को लेकर पुलिस ने जिला प्रशासन से इस मामले की जांच मेडिकल बोर्ड से करवाने की मांग की है। इसे लेकर पुलिस ने जिला प्रशासन को शिकायत पत्र सहित पूरी जानकारी उपलब्ध करवा दी है। अब जिला प्रशासन उक्त मामले को लेकर जल्द ही मेडिकल बोर्ड से जांच करवा सकता है।
कुछ दिन पहले एक व्यक्ति ने चंबा मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक और प्रबंधन के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन और पुलिस थाना चंबा में शिकायत दर्ज करवाई थी। व्यक्ति ने अपनी शिकायत में बताया है कि कुछ दिन पहले उसकी पत्नी को प्रसव के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया था। पहले चिकित्सक कहते रहे कि सबकुछ ठीक है नॉर्मल डिलीवरी हो जाएगी। मां और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं, लेकिन प्रसव के ऐन मौके पर उन्हें बताया कि गया कि मां के पेट के अंदर बच्चे की धड़कन नहीं चल रही है। उनके हाथों में मरा हुआ नवजात थमाया गया।
व्यक्ति ने जब इस मामले को लेकर संबंधित चिकित्सक से बात की तो चिकित्सक की ओर से किसी मशीन के न होने की बात कही गई। इस बारे में व्यक्ति को कोई जानकारी नहीं थी। व्यक्ति का कहना था कि अगर उसकी पत्नी की अस्पताल में डिलीवरी नहीं हो सकती थी तो उसे पहले बता दिया जाता। वह अपनी पत्नी को लेकर दूसरे अस्पताल में प्रसव के लिए ले जा सकता था, लेकिन ऐसा न करके उनके हाथों में मरा हुआ नवजात थमा दिया गया।
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इस संबंध में चंबा थाना प्रभारी शकीनी कपूर ने बताया कि उपरोक्त मामले में मेडिकल बोर्ड से जांच करवाने के लिए जिला प्रशासन को अवगत करवाया गया है। अब मेडिकल बोर्ड से जांच का फैसला जिला प्रशासन लेगा।
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कुछ दिन पहले एक व्यक्ति ने चंबा मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक और प्रबंधन के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन और पुलिस थाना चंबा में शिकायत दर्ज करवाई थी। व्यक्ति ने अपनी शिकायत में बताया है कि कुछ दिन पहले उसकी पत्नी को प्रसव के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया था। पहले चिकित्सक कहते रहे कि सबकुछ ठीक है नॉर्मल डिलीवरी हो जाएगी। मां और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं, लेकिन प्रसव के ऐन मौके पर उन्हें बताया कि गया कि मां के पेट के अंदर बच्चे की धड़कन नहीं चल रही है। उनके हाथों में मरा हुआ नवजात थमाया गया।
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व्यक्ति ने जब इस मामले को लेकर संबंधित चिकित्सक से बात की तो चिकित्सक की ओर से किसी मशीन के न होने की बात कही गई। इस बारे में व्यक्ति को कोई जानकारी नहीं थी। व्यक्ति का कहना था कि अगर उसकी पत्नी की अस्पताल में डिलीवरी नहीं हो सकती थी तो उसे पहले बता दिया जाता। वह अपनी पत्नी को लेकर दूसरे अस्पताल में प्रसव के लिए ले जा सकता था, लेकिन ऐसा न करके उनके हाथों में मरा हुआ नवजात थमा दिया गया।
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इस संबंध में चंबा थाना प्रभारी शकीनी कपूर ने बताया कि उपरोक्त मामले में मेडिकल बोर्ड से जांच करवाने के लिए जिला प्रशासन को अवगत करवाया गया है। अब मेडिकल बोर्ड से जांच का फैसला जिला प्रशासन लेगा।