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Chamba News: मटर के दाम गिरे, हिमगिरी के किसानों की बढ़ी चिंता
Thu, 22 Oct 2026 10:17 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 22 Oct 2026 10:17 PM IST
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50 से 75 रुपये किलो मिल रहे भाव, लागत निकालना हुआ मुश्किल
बीज, खाद, मजदूरी और ढुलाई का खर्च बढ़ने से घटा मुनाफा
संवाद न्यूज एजेंसी
हिमगिरी (चंबा)। हिमगिरी क्षेत्र में मटर के दामों में गिरावट से किसान मायूस हैं। खेतों में मेहनत कर फसल तैयार करने के बावजूद उन्हें उपज का अपेक्षित मूल्य नहीं मिल रहा है। वर्तमान में मटर के दाम 50 से 75 रुपये प्रति किलो के बीच चल रहे हैं। इससे किसानों के लिए खेती की लागत निकालना मुश्किल हो रहा है।
किसान सुनी राम, नंद लाल, किशोरी और राम लाल ने बताया कि मटर की खेती में बीज, खाद, दवाइयों और मजदूरी पर काफी खर्च होता है। पहाड़ी क्षेत्र में खेतों से उपज बाजार तक पहुंचाने के लिए भी अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ती है। ऐसे में मौजूदा भाव पर फसल बेचने से उन्हें उम्मीद के मुताबिक मुनाफा नहीं मिल रहा है।
किसानों के अनुसार, अच्छी पैदावार से बेहतर आमदनी की उम्मीद थी, लेकिन बाजार में मिल रहे भाव ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि उत्पादन लागत के अनुरूप उचित मूल्य मिलने से ही खेती लाभकारी बनी रह सकती है। उधर, कृषि उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र ने बताया कि मटर के दाम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
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बीज, खाद, मजदूरी और ढुलाई का खर्च बढ़ने से घटा मुनाफा
संवाद न्यूज एजेंसी
हिमगिरी (चंबा)। हिमगिरी क्षेत्र में मटर के दामों में गिरावट से किसान मायूस हैं। खेतों में मेहनत कर फसल तैयार करने के बावजूद उन्हें उपज का अपेक्षित मूल्य नहीं मिल रहा है। वर्तमान में मटर के दाम 50 से 75 रुपये प्रति किलो के बीच चल रहे हैं। इससे किसानों के लिए खेती की लागत निकालना मुश्किल हो रहा है।
किसान सुनी राम, नंद लाल, किशोरी और राम लाल ने बताया कि मटर की खेती में बीज, खाद, दवाइयों और मजदूरी पर काफी खर्च होता है। पहाड़ी क्षेत्र में खेतों से उपज बाजार तक पहुंचाने के लिए भी अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ती है। ऐसे में मौजूदा भाव पर फसल बेचने से उन्हें उम्मीद के मुताबिक मुनाफा नहीं मिल रहा है।
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किसानों के अनुसार, अच्छी पैदावार से बेहतर आमदनी की उम्मीद थी, लेकिन बाजार में मिल रहे भाव ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि उत्पादन लागत के अनुरूप उचित मूल्य मिलने से ही खेती लाभकारी बनी रह सकती है। उधर, कृषि उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र ने बताया कि मटर के दाम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
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