फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Chamba News ›   Pea crop affected by rust, officials reached fields to investigate

Chamba News: मटर की फसल रतुआ की चपेट में, जांच को खेतों में पहुंचे अधिकारी

Tue, 10 Oct 2023 10:46 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 10 Oct 2023 10:46 PM IST
विज्ञापन
Pea crop affected by rust, officials reached fields to investigate
चंबा के सलूणी क्षेत्र में मटर की फसल का निरीक्षण करती कृ​षि विभाग की टीम। संवाद
चंबा। विकास खंड सलूणी के तहत आती ग्राम पंचायत डांड और चकोतरा में मटर की फसल फफूंद बीमारी रतुआ की चपेट में आ गई है। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद कृषि विभाग की टीम ने क्षेत्र में जाकर निरिक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जहां फसल को लगी बीमारी की जांच की गई। साथ ही किसानों को इस बीमारी की रोकथाम के लिए प्रभावी उपायों की जानकारी दी गई। जानकारी के अनुसार विकास खंड सलूणी में मटर की फसल को बेमौसमी नकदी फसल के रूप में उगाया जाता है।
विज्ञापन

सितंबर महीने से मटर की पैदावार निकलनी शुरू हो गई थी, लेकिन 70-80 रुपये प्रति किलो की दर से किसानों के खेतों से व्यापारी खरीद रहे थे, लेकिन अब मटर की फसल में रतुआ नामक बीमारी का प्रकोप हो गया है। इससे किसानों की उपज खराब हो रही है। इस समय कुछ किसानों ने मटर की फसल से एक या दो तुड़ान ले लिए हैं और कुछ किसानों की मटर की खेती में अभी फूल आए है।
विज्ञापन

यह हैं बीमारी के लक्षण
फफूंद बीमारी रतुआ से मटर के पतों में पीले धब्बे पड़ते हैं। कुछ दिन में यह धब्बे फटने से पतों पर पीले रंग का पाउडर बनता है और तीन से पांच दिन में पूरा खेत बीमारी की चपेट में आ जाता है। किसानों की इसकी रोकथाम बारे जानकारी होनी चाहिए। ताकि फसल को ज्यादा नुकसान न पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह उपाय करें किसान
किसानों को विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि इस बीमारी के लक्षण पाए जाने की अवस्था में प्रापिकोनाजोल 25 ई सी नाम की 15 मिली दवाई 15 लीटर पानी में या कारबेंडाजिम 50 डब्ल्यू पी नाम की 15 ग्राम फंफूदनाशक दवाई को 15 लीटर पानी में घोल कर स्प्रे करके इस बीमारी से फसल को बचाया जा सकता है


कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कुलदीप धीमान ने बताया कि क्षेत्र का दौरा कर जायजा लिया गया है। किसान कृषि विभाग के खंड कार्यालय सलूणी से 50 प्रतिशत अनुदान पर स्प्रे के लिए आवश्यक दवाइयां प्राप्त कर सकते हैं। इस दौरान विभागीय टीम द्वारा चकोतर गांव में जाकर किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर प्रोपिकॉनाज़ोल फंफूदनाशक दवाई भी उपलब्ध करवाई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed