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Chamba News: बीमा कंपनी को 1.80 लाख रुपये ब्याज सहित चुकाने का आदेश
Tue, 30 Jun 2026 11:45 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 30 Jun 2026 11:45 PM IST
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चंबा। वाहन दुर्घटना में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई बोलेरो का बीमा दावा खारिज करना बीमा कंपनी को महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला/चंबा ने बीमा कंपनी को वाहन मालिक को 1.80 लाख रुपये बीमित राशि नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करने का आदेश दिया है।
साथ ही 15 हजार मुआवजा और 10 हजार मुकदमेबाजी खर्च भी अदा करने के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ता राकेश महाजन ने बताया कि उनकी महिंद्रा बोलेरो (एचपी-73ए-4500) का बीमा 17 मार्च 2022 से 16 मार्च 2023 तक वैध था। 24 जुलाई 2022 को सतरुंडी गांव के पास वाहन करीब 250 मीटर गहरी खाई में गिरकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
दुर्घटना के बाद उन्होंने बीमा कंपनी को सूचना देकर दावा प्रस्तुत किया लेकिन कंपनी ने भुगतान नहीं किया। बीमा कंपनी ने आयोग में जवाब दाखिल करते हुए कहा कि वाहन निजी उपयोग के लिए पंजीकृत था, जबकि दुर्घटना के समय उसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था।
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इसी आधार पर दावा अस्वीकार किया गया। कंपनी के सर्वेक्षक ने वाहन की क्षति 1.63 लाख रुपये आंकी थी। आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया। बीमा कंपनी को शिकायत दायर करने की तिथि से भुगतान करने का आदेश दिया।
आयोग ने वाहन को कंस्ट्रक्टिव टोटल लॉस घोषित करते हुए शिकायतकर्ता को वाहन की आरसी रद्द कराने के लिए आरटीओ चंबा से संपर्क करने के निर्देश दिए हैं। आरसी रद्द होने के बाद संबंधित दस्तावेज बीमा कंपनी को सौंपने होंगे और क्षतिग्रस्त वाहन बीमा कंपनी की संपत्ति माना जाएगा।
इसके अलावा आयोग ने आरटीओ चंबा को आदेश की प्रति भेजने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि 24 जुलाई 2022 (दुर्घटना की तिथि) के बाद उक्त वाहन पर किसी भी प्रकार का कर, जुर्माना, फिटनेस शुल्क या अन्य बकाया नहीं लगाया जाएगा। आयोग ने लंबित सभी आवेदनों का भी इसी निर्णय के अनुसार निपटारा कर दिया।
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साथ ही 15 हजार मुआवजा और 10 हजार मुकदमेबाजी खर्च भी अदा करने के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ता राकेश महाजन ने बताया कि उनकी महिंद्रा बोलेरो (एचपी-73ए-4500) का बीमा 17 मार्च 2022 से 16 मार्च 2023 तक वैध था। 24 जुलाई 2022 को सतरुंडी गांव के पास वाहन करीब 250 मीटर गहरी खाई में गिरकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
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दुर्घटना के बाद उन्होंने बीमा कंपनी को सूचना देकर दावा प्रस्तुत किया लेकिन कंपनी ने भुगतान नहीं किया। बीमा कंपनी ने आयोग में जवाब दाखिल करते हुए कहा कि वाहन निजी उपयोग के लिए पंजीकृत था, जबकि दुर्घटना के समय उसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था।
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इसी आधार पर दावा अस्वीकार किया गया। कंपनी के सर्वेक्षक ने वाहन की क्षति 1.63 लाख रुपये आंकी थी। आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया। बीमा कंपनी को शिकायत दायर करने की तिथि से भुगतान करने का आदेश दिया।
आयोग ने वाहन को कंस्ट्रक्टिव टोटल लॉस घोषित करते हुए शिकायतकर्ता को वाहन की आरसी रद्द कराने के लिए आरटीओ चंबा से संपर्क करने के निर्देश दिए हैं। आरसी रद्द होने के बाद संबंधित दस्तावेज बीमा कंपनी को सौंपने होंगे और क्षतिग्रस्त वाहन बीमा कंपनी की संपत्ति माना जाएगा।
इसके अलावा आयोग ने आरटीओ चंबा को आदेश की प्रति भेजने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि 24 जुलाई 2022 (दुर्घटना की तिथि) के बाद उक्त वाहन पर किसी भी प्रकार का कर, जुर्माना, फिटनेस शुल्क या अन्य बकाया नहीं लगाया जाएगा। आयोग ने लंबित सभी आवेदनों का भी इसी निर्णय के अनुसार निपटारा कर दिया।