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103 रूटों में से 17 पर ही दौड़ीं सरकारी बसें
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बस स्टैंड चंबा में बस के इंतजार में खड़े लोग।
- फोटो : Chamba
चंबा। जिले के 103 में से 17 रूटों पर ही एचआरटीसी की बसें दौड़ीं। जबकि, शेष 86 रूटों पर शनिवार को सरकारी बसें नहीं चलीं। जिले के सभी रूटों पर बसें न चलने से मुसाफिरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बसें न चलने की जानकारी न होने पर यात्री कई घंटों तक बस स्टैंड सहित बसों के ठहराव की जगहों पर तेज धूप में इंतजार करते दिखे। इसके थक हार कर लोग निजी वाहन हायर कर अपने-अपने गंत्वयों की ओर रवाना हुए। वहीं, दूसरी ओर एचआरटीसी अधिकारियों ने फाइव डे वीक के चलते सवारियां कम होने का तर्क दिया। कुल मिलाकर जिले के अधिकांश रूटों पर बस सेवाओं के बंद होने से लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ा।
गौरतलब है कि कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सरकार के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने फाइव डे वीक घोषित किया है। इसके अलावा जिले में शनिवार और रविवार को बाजार बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इसी के चलते शनिवार को जिले में 86 रूटों पर एचआरटीसी की बस सेवाएं बाधित रहीं। तीसा निवासी राजेश कुमार ने कहा कि शनिवार को तीसा अपने घर लौटना था। दोपहर के समय बस सेवा न होने से एक घंटे तक बस स्टैंड पर बस का इंतजार करते रहे। बाद में उन्हें पता चला कि आज अधिकांश रूटों पर बस सेवा बंद है। कहा कि बस अड्डे में रूट बंद करने के बारे मे अनाउंस भी नहीं किया जा रहा है।
पैदल ही करना पड़ा सफर : बलदेव
करियां निवासी 65 वर्षीय बलदेव सिंह का कहना है कि शनिवार को लोकल रूट भी बंद रहे। सुल्तानपुर से जैसे-तैसे वह बस स्टैंड पहुंचे। यहां से लोकल बस सेवा न होने पर उन्हें पैदल ही पुराना बस अड्डा पहुंच कर आगे का सफर भी पैदल ही तय करना पड़ा।
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बुजुर्गों को हुई परेशानी : निशा
करियां निवासी निशा देवी कि बस सेवाएं बंद होने से खासकर बुजुर्गों और महिलाओं को आवाजाही करने में दिक्कतें उठानी पड़ी। एचआरटीसी प्रबंधन को लोकल रूट पर इलेक्ट्रॉनिक वैन चलानी चाहिए थी, जिससे लोगों को इसका लाभ मिलता।
एचआरटीसी ने बढ़ाई दिक्कतें : कृष्णा
हरदासपुरा निवासी कृष्णा देवी ने कहा कि एचआरटीसी को लोकल रूट बंद नहीं करने चाहिए थे। परिवहन विभाग लाभ कमाने के चक्कर में यात्रियों की दिक्कतें नहीं बढ़ा सकता है।
आरएम चंबा राजन जम्वाल ने कहा कि शनिवार को बाजार और सरकारी कार्यालय बंद होने पर लोगों की आवाजाही बहुत कम रही। लिहाजा, लोगों की आवाजाही कम होने की सूरत में 86 रूटों पर बस सेवाएं बंद रखी गईं। कहा कि रविवार को भी सवारियों के आधार पर रूटों पर बसें चलाई जाएंगी।
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गौरतलब है कि कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सरकार के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने फाइव डे वीक घोषित किया है। इसके अलावा जिले में शनिवार और रविवार को बाजार बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इसी के चलते शनिवार को जिले में 86 रूटों पर एचआरटीसी की बस सेवाएं बाधित रहीं। तीसा निवासी राजेश कुमार ने कहा कि शनिवार को तीसा अपने घर लौटना था। दोपहर के समय बस सेवा न होने से एक घंटे तक बस स्टैंड पर बस का इंतजार करते रहे। बाद में उन्हें पता चला कि आज अधिकांश रूटों पर बस सेवा बंद है। कहा कि बस अड्डे में रूट बंद करने के बारे मे अनाउंस भी नहीं किया जा रहा है।
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पैदल ही करना पड़ा सफर : बलदेव
करियां निवासी 65 वर्षीय बलदेव सिंह का कहना है कि शनिवार को लोकल रूट भी बंद रहे। सुल्तानपुर से जैसे-तैसे वह बस स्टैंड पहुंचे। यहां से लोकल बस सेवा न होने पर उन्हें पैदल ही पुराना बस अड्डा पहुंच कर आगे का सफर भी पैदल ही तय करना पड़ा।
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बुजुर्गों को हुई परेशानी : निशा
करियां निवासी निशा देवी कि बस सेवाएं बंद होने से खासकर बुजुर्गों और महिलाओं को आवाजाही करने में दिक्कतें उठानी पड़ी। एचआरटीसी प्रबंधन को लोकल रूट पर इलेक्ट्रॉनिक वैन चलानी चाहिए थी, जिससे लोगों को इसका लाभ मिलता।
एचआरटीसी ने बढ़ाई दिक्कतें : कृष्णा
हरदासपुरा निवासी कृष्णा देवी ने कहा कि एचआरटीसी को लोकल रूट बंद नहीं करने चाहिए थे। परिवहन विभाग लाभ कमाने के चक्कर में यात्रियों की दिक्कतें नहीं बढ़ा सकता है।
आरएम चंबा राजन जम्वाल ने कहा कि शनिवार को बाजार और सरकारी कार्यालय बंद होने पर लोगों की आवाजाही बहुत कम रही। लिहाजा, लोगों की आवाजाही कम होने की सूरत में 86 रूटों पर बस सेवाएं बंद रखी गईं। कहा कि रविवार को भी सवारियों के आधार पर रूटों पर बसें चलाई जाएंगी।