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Chamba News: लावारिस पशुओं से फसल बचाने के लिए खेतों में कट रहीं रातें

Fri, 31 Jan 2025 11:58 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jan 2025 11:58 PM IST
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Nights are spent in the fields to save crops from stray animals.
चंबा के कियाणी क्षेत्र में फसल लगे खेतों में घुसे लावारिस पशु।
चंबा। जिले में लावारिस मवेशियों से अपनी फसल को बचाने के लिए किसान खेतों में रातें काटने के लिए मजबूर हैं। लावारिस पशु किसानों और बागवानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। दिन-रात किसानों को अपनी फसलों का पहरा देना पड़ रहा है। जिले के विशेषकर भटियात के सिहुंता, कामला, चुवाड़ी, चंबा, सलूणी, मैहला, होली और भरमौर इलाकों में लावारिस पशुओं के झुंड किसानों-बागवानों के लिए परेशानी बने हुए हैं। किसानों का कहना है कि दिन के समय मवेशी सड़कों पर बैठे रहते हैं और रात के समय खेतों में पहुंचकर फसल को नष्ट कर रहे हैं। यहां-वहां भगाकर उनसे फसल को बचाया जा रहा है लेकिन, समस्या से फिर भी निजात नहीं मिल पा रही है। ऐसे में इन लावारिस मवेशियों से तंग आकर भटियात में करीब 50 किसानों ने तो खेती करनी ही छोड़ दी है जबकि, यहां हर साल अच्छी धान की फसल उगती थी। हैरानी की बात यह है कि कुछ इलाकों में मवेशी बाड़बंदी तोड़कर सब्जियों को भी उजाड़ रहे हैं। एक तो वह महंगे दाम पर बीज खरीद रहे हैं और दूसरी तरफ फसल को हर साल पशु उजाड़ रहे हैं। रात को किसान अपने घरों में सोने के बजाय खेतों में फसलों का पहरा दे रहे हैं।
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ग्राम पंचायत सिहुंता की ओर से लावारिस पशुओं से किसानों को निजात दिलाने के लिए कई प्रयास किए गए हैं। गोसदन तक का निर्माण किया है लेकिन, गोसदन में मवेशियों की देखभाल करने के लिए कोई कर्मचारी नहीं है।
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-अनिल, प्रधान ग्राम पंचायत सिहुंता
लावारिस मवेशियों से किसान काफी परेशान हैं। भटियात के सिहुंता, कामला, समोट, चुवाड़ी सहित अन्य इलाकों में लावारिस मवेशियों के झुंड गेहूं की फसल को चट कर रहे हैं। साथ ही खेतों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। प्रशासन इनके लिए अच्छी व्यवस्था करे। -अशोक कुमार, किसान।
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लावारिस मवेशियों से फसल को बचाने के लिए खेतों में कई रातें काट चुके हैं। कुछ किसानों ने तो खेती करना ही छोड़ दी है। किसान दिन-रात फसलों का पहरा करते थक चुके हैं। उनकी कमाई का फसल ही एकमात्र साधन है। -करतार सिंह, किसान
लावारिस मवेशी फसल के साथ-साथ सब्जियों को भी चट कर रहे हैं। किसानों ने इतनी मेहनत करके बाड़बंदी लगाई है, उसे भी तोड़कर पशु नुकसान कर जाते हैं। विजय राणा, किसान

लावारिस पशु बगीचों तक भी पहुंच रहे हैं। उन्हें यहां-वहां भगाकर फसलों को बचाना पड़ता है। यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। इन पशुओं के आतंक से किसानों को निजात दिलाई जाए। खेमराज, बागवान
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