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रावी में फेंका जा रहा परियोजना का मलबा
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रावी नदी में फेंका गया मक।
- फोटो : Chamba
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होली (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र होली में निर्माणाधीन कुठेड़ जल विद्युत परियोजना प्रबंधन की ओर से नियमों को दरकिनार किया जा रहा है। कंपनी की ओर से प्रोजेक्ट निर्माण के दौरान निकलने वाले मलबे को रावी नदी में फेंका जा रहा है, जिससे रावी का पानी प्रदूषित हो रहा है।
वहीं, दूसरी तरफ कंपनी प्रबंधन की ओर से किसी प्रकार की दीवार नहीं लगाई है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब आधा दर्जन पेड़ों को भी कंपनी ने मलबे के नीचे दबा दिया है। हालांकि, इसके बारे में कई बार संबंधित विभाग को अवगत करवाया जा चुका है लेकिन, इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वहीं, दूसरी ओर ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कंपनी विभागीय अफसरों के साथ सांठगांठ कर इस कार्य को अंजाम दे रही है।
परियोजना डैम साइट और एडिट-1 के समीप निर्माण कार्य के दौरान कंपनी मलबे को रावी में फेंक रही है। सुरेंद्र कुमार, राज कुमार, सुनील कुमार, अमित कुमार आदि का कहना है कि कंपनी की ओर से नियमों की अवहेलना की जा रही है। मलबे को रावी में फेंकने से जहां नदी प्रदूषित हो रही है तो वहीं, दूसरी तरफ रावी के बहाव में भी अवरोध पैदा हो रहा है।
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इससे बाढ़ का भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
डैम साइट इंचार्ज संजय राणा का कहना है कि यह मामला ध्यान में है। कहा कि रावी के समीप फेंका गया मलबा जल्द उठवा दिया जाएगा। वन विभाग के रेंज ऑफिसर सुरेश कुमार का कहना है कि इसके बारे में सूचना मिली है। कहा कि जल्द मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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वहीं, दूसरी तरफ कंपनी प्रबंधन की ओर से किसी प्रकार की दीवार नहीं लगाई है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब आधा दर्जन पेड़ों को भी कंपनी ने मलबे के नीचे दबा दिया है। हालांकि, इसके बारे में कई बार संबंधित विभाग को अवगत करवाया जा चुका है लेकिन, इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वहीं, दूसरी ओर ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कंपनी विभागीय अफसरों के साथ सांठगांठ कर इस कार्य को अंजाम दे रही है।
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परियोजना डैम साइट और एडिट-1 के समीप निर्माण कार्य के दौरान कंपनी मलबे को रावी में फेंक रही है। सुरेंद्र कुमार, राज कुमार, सुनील कुमार, अमित कुमार आदि का कहना है कि कंपनी की ओर से नियमों की अवहेलना की जा रही है। मलबे को रावी में फेंकने से जहां नदी प्रदूषित हो रही है तो वहीं, दूसरी तरफ रावी के बहाव में भी अवरोध पैदा हो रहा है।
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इससे बाढ़ का भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
डैम साइट इंचार्ज संजय राणा का कहना है कि यह मामला ध्यान में है। कहा कि रावी के समीप फेंका गया मलबा जल्द उठवा दिया जाएगा। वन विभाग के रेंज ऑफिसर सुरेश कुमार का कहना है कि इसके बारे में सूचना मिली है। कहा कि जल्द मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।