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Chamba News: माताओं ने सीखे बच्चों को पढ़ाने के गुर, घर पर देंगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
Sun, 24 Nov 2024 11:45 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 24 Nov 2024 11:45 PM IST
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चंबा। जिला चंबा में अब माताएं भी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में अहम भूमिका निभाएंगी। इसके लिए ‘पहली शिक्षक मां’ कार्यक्रम के तहत एक विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें 255 महिलाओं ने भाग लिया। यह कार्यक्रम जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सरू में आयोजित हुआ, जिसमें माताओं को प्री-प्राइमरी स्तर पर बच्चों को पढ़ाने और उनके समग्र विकास के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य यह था कि मां को बच्चे का पहला गुरु माना जाता है और वे घर पर बच्चों को शिक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रशिक्षण में माताओं को यह सिखाया गया कि वे कैसे अपने बच्चों को बेहतर तरीके से पढ़ाने के लिए अध्यापकों के साथ मिलकर काम कर सकती हैं। इसके अलावा, बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, और उनके शारीरिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास को कैसे सुदृढ़ किया जा सकता है, इस पर भी चर्चा की गई।
समग्र शिक्षा के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में जिलेभर से आई महिलाओं को यह समझाया गया कि बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास में उनकी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। जिला प्री-प्राइमरी समन्वयक ओंकार वर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम महिलाओं को बच्चों के शिक्षा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास है।
कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिलाओं को प्रशिक्षण देने के लिए राज्य स्रोत व्यक्तियों की एक टीम ने विभिन्न खंडों में जाकर इस अभियान को फैलाया। उनके अलावा समन्वयक डाॅ. कविता बिजलवान और अतुल महाजन ने सभी जगह जाकर माताओं के साथ चर्चा की। इस प्रशिक्षण को करवाने के लिए राज्य स्रोत व्यक्ति के रूप में राजेश कुमार, राकेश कुमार, चमन ठाकुर, सचिन, संजय, विनय, दीप्ति दास, पदमिनी, मीनू, राज कुमार, निहाल, चमन शर्मा, संदीप, भूपिंद्र, उमेश कुमारी और मंजू ने विभिन्न खंडों में जाकर माताओं को जानकारी दी है। अब इन माताओं के पास बच्चों को शिक्षित करने के लिए जरूरी ज्ञान और कौशल होगा, जिससे वे अपने बच्चों को घर पर ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में सक्षम हो सकेंगी।
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समग्र शिक्षा के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में जिलेभर से आई महिलाओं को यह समझाया गया कि बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास में उनकी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। जिला प्री-प्राइमरी समन्वयक ओंकार वर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम महिलाओं को बच्चों के शिक्षा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास है।
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कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिलाओं को प्रशिक्षण देने के लिए राज्य स्रोत व्यक्तियों की एक टीम ने विभिन्न खंडों में जाकर इस अभियान को फैलाया। उनके अलावा समन्वयक डाॅ. कविता बिजलवान और अतुल महाजन ने सभी जगह जाकर माताओं के साथ चर्चा की। इस प्रशिक्षण को करवाने के लिए राज्य स्रोत व्यक्ति के रूप में राजेश कुमार, राकेश कुमार, चमन ठाकुर, सचिन, संजय, विनय, दीप्ति दास, पदमिनी, मीनू, राज कुमार, निहाल, चमन शर्मा, संदीप, भूपिंद्र, उमेश कुमारी और मंजू ने विभिन्न खंडों में जाकर माताओं को जानकारी दी है। अब इन माताओं के पास बच्चों को शिक्षित करने के लिए जरूरी ज्ञान और कौशल होगा, जिससे वे अपने बच्चों को घर पर ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में सक्षम हो सकेंगी।
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