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Chamba News: नाली में फेंकी दवाइयों का मेडिकल कॉलेज से लेना-देना नहीं

Tue, 18 Jun 2024 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 18 Jun 2024 11:59 PM IST
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Medicines thrown in the drain have nothing to do with the medical college.
चिकित्सा अधीक्षक ने टीम के साथ किया मौके का निरीक्षण
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दवाइयों का बैच नंबर मेडिकल कॉलेज की दवाइयों से नहीं हुआ मैच
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मेडिकल कॉलेज के पास सीएमओ कार्यालय भवन के पीछे नाली में मिली एक्सपायर दवाई का मेडिकल कॉलेज से कोई भी लेना-देना नहीं है। इसका पता उस समय लगा जब चिकित्सा अधीक्षक मंगलवार को मेडिकल कॉलेज के चीफ फार्मासिस्ट, फार्मेसी अफसर, सिक्योरिटी चीफ सहित अन्य टीम को साथ लेकर मामले की सत्यता का पता लगाने के लिए मौके पर पहुंचे। उन्होंने पाया कि मेडिकल कॉलेज से दूर सीएमओ कार्यालय भवन के पीछे नाली में एक्सपायर तिथि की दवाइयां पड़ी हुई थीं। उन्होंने दवाइयों के निर्माण और एक्सपायर होने की तिथि की जांच की। इसके बाद दवाइयों के बैच नंबर को भी जांचा गया। इस बैच नंबर के साथ मेडिकल कॉलेज में होने वाली दवाइयों की सप्लाई को भी चेक किया लेकिन मेडिकल कॉलेज में एक्सपायर दवाइयों के बैच की दवाइयों की सप्लाई नहीं मिली। इससे यह साबित हो गया कि जो दवाइयां एक्सपायर नाली में फेंकी गई हैं उनकी सप्लाई मेडिकल कॉलेज में हुई ही नहीं थी।

हालांकि यह बात भी तय है कि जो दवाइयां नाली में फेंकी हुई मिली हैं, वे सरकारी अस्पताल में ही जारी की गई थीं। दवाइयों की निर्माण और एक्सपायरी तिथि को देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि शायद ये दवाई कोविड के दौरान चंबा में आई थी। इन दवाइयों को जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा जाना था या फिर स्वास्थ्य केंद्रों से एक्सपायर होने के बाद थैलों में भरकर इन दवाइयों को जिला मुख्यालय लाया गया। अभी तक इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि आखिरकार ये दवाई किसने नाली में ठिकाने लगाई है और इस दवाई की आपूर्ति कहां की गई थी। मेडिकल कॉलेज का नाम हटने के बाद अब शक की सुई मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर जाकर रुकती है। क्योंकि इसी कार्यालय से जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को दवाई की आपूर्ति की जाती है। ऐसे में विभाग इस मामले में किस प्रकार से कार्रवाई करता है, इसको लेकर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं।
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चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर बिपन ठाकुर ने बताया कि एक्सपायर तिथि की दवाइयों से मेडिकल कॉलेज का कोई लेना-देना नहीं है। इन दवाइयों के बैच नंबर को मेडिकल कॉलेज में सप्लाई की गई दवाइयों के बैच नंबर से मिलाया गया है लेकिन उनका मिलान नहीं हो पाया।
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