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Chamba News: मेडिकल कॉलेज चंबा को 194 डॉक्टरों में से एक भी नहीं मिला
Tue, 09 Sep 2025 09:58 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 09 Sep 2025 09:58 PM IST
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चंबा। प्रदेश सरकार ने हाल ही में 194 डॉक्टरों की तैनाती के आदेश जारी किए हैं, लेकिन मेडिकल कॉलेज चंबा को एक भी डॉक्टर नहीं मिला। यह स्थिति तब है जब कॉलेज में डॉक्टरों के 200 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से केवल 60 प्रतिशत ही भरे हुए हैं। खास बात यह है कि मौजूदा तैनाती में भी अधिकांश नॉन-क्लीनिकल डॉक्टर हैं।
जिले की पौने छह लाख आबादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इसी कॉलेज पर निर्भर है। रोजाना ओपीडी में औसतन 1000 मरीज पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को घंटों कतारों में इंतजार करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉक्टरों के रिक्त पद भरने से ओपीडी में भीड़ कम होगी और मरीजों को राहत मिलेगी।
ग्रामीण प्रेमनाथ, जय सिंह, राहुल, मनोज कुमार, विनोद कुमार, गुरमीत, अशोक कुमार, सुनील और केवल कुमार ने कहा कि आकांक्षी जिले की श्रेणी में शामिल होने के बावजूद चंबा की स्वास्थ्य सुविधाएं जटिल बनी हुई हैं। एक डॉक्टर जब अकेले सैकड़ों मरीजों की जांच करता है तो स्वाभाविक है कि इलाज में समय अधिक लगेगा। सरकार को प्राथमिकता के आधार पर यहां डॉक्टर भेजने चाहिए। उधर, मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि सरकार को डॉक्टरों की कमी के बारे में पहले ही अवगत करवाया जा चुका है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस गंभीर समस्या का समाधान कब तक करती है।
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जिले की पौने छह लाख आबादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इसी कॉलेज पर निर्भर है। रोजाना ओपीडी में औसतन 1000 मरीज पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को घंटों कतारों में इंतजार करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉक्टरों के रिक्त पद भरने से ओपीडी में भीड़ कम होगी और मरीजों को राहत मिलेगी।
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ग्रामीण प्रेमनाथ, जय सिंह, राहुल, मनोज कुमार, विनोद कुमार, गुरमीत, अशोक कुमार, सुनील और केवल कुमार ने कहा कि आकांक्षी जिले की श्रेणी में शामिल होने के बावजूद चंबा की स्वास्थ्य सुविधाएं जटिल बनी हुई हैं। एक डॉक्टर जब अकेले सैकड़ों मरीजों की जांच करता है तो स्वाभाविक है कि इलाज में समय अधिक लगेगा। सरकार को प्राथमिकता के आधार पर यहां डॉक्टर भेजने चाहिए। उधर, मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि सरकार को डॉक्टरों की कमी के बारे में पहले ही अवगत करवाया जा चुका है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस गंभीर समस्या का समाधान कब तक करती है।
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