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कार्तिकेय मंदिर के कपाट बंद, अगले साल खुलेंगे

Sun, 29 Nov 2020 06:47 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 29 Nov 2020 06:47 PM IST
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kartikye temple bharmour kelang closed for winter
कार्तिक स्वामी मंदिर में पूजा अर्चना करता पुजारी। - फोटो : Chamba
भरमौर (चंबा)। कर्तिकेय मंदिर (केलंग) के कपाट रविवार को भक्तों के लिए बंद कर दिए गए। अब 14 अप्रैल 2021 को अब बैसाखी के दिन मंदिर दोबारा श्रद्धालुुओं के लिए खोला जाएगा। रविवार को मंदिर बंद करने से पहले विधि विधान से पूजा अर्चना की गई।
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पुजारी मचलू राम शर्मा ने बताया कि हर साल नवंबर माह के अंतिम सप्ताह में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इसके बाद करीब पांच माह के लिए मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। भरमौर के ऊपरी क्षेत्रों के मणिमहेश, भरमाणी माता, दिगनपाल, कठेडपाल में अक्सर अक्तूबर माह के आखिर में बर्फबारी हो जाती है।
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इसके साथ ही अंदरोल का समय शुरू हो जाता है। ऐसे समय में ऊपरी क्षेत्रों के मंदिरों में जाना निषेध माना जाता है। कार्तिकेय मंदिर में भी वर्तमान में करीब तीन फीट तक हिमपात हो चुका है। इस वजह से यहां पहुंचना भी श्रद्धालुओं के लिए कठिन हो गया है। ऐसी पंरपरा सदियों से चली आ रही है।
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मान्यता है कि शिव पुत्र कार्तिकेय सर्दियों में दक्षिण भारत के लिए प्रस्थान करते हैं। मंदिर के कपाट बंद करने से पहले गर्भगृह में जल की भरी गढ़वी रखी जाती है। मंदिर खुलने के बाद गढ़वी के जल की मात्रा को देखकर क्षेत्र में आने वाले मौसम की भविष्यवाणी की जाती है। मान्यता है कि अगर गढ़वी में पानी कम हो तो सूखे की स्थिति हो सकती है जबकि अधिक पानी होने को शुभ और अच्छी बारिश वाला साल माना जाता है।
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