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Chamba News: 124 फीट ऊंचे देवदार पर झंडा चढ़ाने की रस्म के साथ जातरों का आगाज
Thu, 07 Sep 2023 11:07 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 07 Sep 2023 11:07 PM IST
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भरमौर (चंबा)। चौरासी परिसर के मणिमहेश मंदिर के साथ ऐतिहासिक देवदार के पेड़ पर झंडा चढ़ाने के साथ स्थानीय जातरों का आगाज हो गया। बीते बुधवार रात को नरसिंह भगवान के मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप के दर्शन करने के साथ पहला जागरण किया गया।
वीरवार को सुबह 10:00 बजे के बाद घराटी परिवार के सदस्य राजेश ने 124 फीट ऊंचे देवदार के पेड़ पर झंडा चढ़ाया। इस दौरान काफी संख्या में शिव भक्त मौजूद रहे। स्थानीय महिलाओं ने भजन-कीर्तन से माहौल को भक्तिमय बना दिया।
चौरासी मंदिर के महंत पंचम गिरी महाराज ने बताया कि स्थानीय जातरों का अलग-अलग महत्व है। हर जातर किसी न किसी देवी-देवता के साथ जुड़ी है। पहली जातर नरसिंह भगवान, दूसरी मणिमहेश, तीसरी लखना माता , चौथी गणेश, पांचवीं कार्तिक, छठी शीतला माता, सातवीं महंत जय कृष्ण गिरी महाराज, आठवीं इनुमान दंगल, जबकि आखिरी जातर छोटे बाबा महंत प्रेम नरायण गिरी के नाम पर निकाली जाती है। इन जातरों की स्थानीय लोगों में काफी मान्यता है। ऐसे में हर जातर मेले के दौरान लोगों की काफी भीड़ देखने को मिलेगी। रात को रोजाना जागरण होगा। इसमें पुरुष पारंपरिक शहनाई वादन और महिलाएं घुरेई गीत गाएंगी।
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वीरवार को सुबह 10:00 बजे के बाद घराटी परिवार के सदस्य राजेश ने 124 फीट ऊंचे देवदार के पेड़ पर झंडा चढ़ाया। इस दौरान काफी संख्या में शिव भक्त मौजूद रहे। स्थानीय महिलाओं ने भजन-कीर्तन से माहौल को भक्तिमय बना दिया।
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चौरासी मंदिर के महंत पंचम गिरी महाराज ने बताया कि स्थानीय जातरों का अलग-अलग महत्व है। हर जातर किसी न किसी देवी-देवता के साथ जुड़ी है। पहली जातर नरसिंह भगवान, दूसरी मणिमहेश, तीसरी लखना माता , चौथी गणेश, पांचवीं कार्तिक, छठी शीतला माता, सातवीं महंत जय कृष्ण गिरी महाराज, आठवीं इनुमान दंगल, जबकि आखिरी जातर छोटे बाबा महंत प्रेम नरायण गिरी के नाम पर निकाली जाती है। इन जातरों की स्थानीय लोगों में काफी मान्यता है। ऐसे में हर जातर मेले के दौरान लोगों की काफी भीड़ देखने को मिलेगी। रात को रोजाना जागरण होगा। इसमें पुरुष पारंपरिक शहनाई वादन और महिलाएं घुरेई गीत गाएंगी।
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