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Chamba News: हस्त निर्मित राखियों के मेले का शुभारंभ
Fri, 25 Aug 2023 11:31 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 25 Aug 2023 11:31 PM IST
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चंबा एसबीआई परिसर में स्वयं सहायता समूह की ओर से बनाई गई राखियों का अवलोकन करते उपायुक्त अपूर्व
चंबा। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। यह बात उपायुक्त अपूर्व देवगन ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत विभिन्न उपमंडलों के स्वयं सहायता समूहों की ओर से हस्तनिर्मित राखियों के जिला मुख्यालय में आयोजित मेले के शुभारंभ के बाद प्रेस प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए कही। मेले में जिला स्तरीय राखी थाली प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने स्वयं सहायता समूहों की ओर से बनाई गई राखियों का अवलोकन भी किया। प्रतियोगिता में छह विकास खंडों के 18 स्वयंसहायता समूहों ने भाग लिया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग की ओर से एनआरएलएम के तहत स्वयं सहायता समूहों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए इस प्रकार के मेलों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से समय-समय पर स्वयं सहायता समूहों को पारंपरिक हस्त कलाओं को उजागर करने के लिए प्रशिक्षण भी दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की ओर से हाथों से निर्मित की गई राखियों की बिक्री जिले के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर की जा रही है। इसके अतिरिक्त इन राखियों की बिक्री हिम ईरा दुकानों, बस स्टैंड, पोस्ट ऑफिस के बाहर भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर भी स्वयं सहायता समूहों की ओर से हाथों से निर्मित राखियां बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
ये रहे प्रतियोगिता के विजेता
प्रथम स्थान पर रहे विकास खंड चंबा के आस्था स्वयं सहायता समूह को 2100 रुपये नकद इनाम , द्वितीय स्थान पर रहे धनेश्वरी स्वयं सहायता समूह को 1500 जबकि तृतीय स्थान पर रहे विकासखंड मैहला के सरस्वती स्वयं सहायता समूह को 1000 रुपये इनाम के तौर पर प्रदान किए गए। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले स्वयं सहायता समूहों को 800 रुपये प्रोत्साहन राशि भी दी गई।
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उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग की ओर से एनआरएलएम के तहत स्वयं सहायता समूहों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए इस प्रकार के मेलों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से समय-समय पर स्वयं सहायता समूहों को पारंपरिक हस्त कलाओं को उजागर करने के लिए प्रशिक्षण भी दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की ओर से हाथों से निर्मित की गई राखियों की बिक्री जिले के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर की जा रही है। इसके अतिरिक्त इन राखियों की बिक्री हिम ईरा दुकानों, बस स्टैंड, पोस्ट ऑफिस के बाहर भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर भी स्वयं सहायता समूहों की ओर से हाथों से निर्मित राखियां बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
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ये रहे प्रतियोगिता के विजेता
प्रथम स्थान पर रहे विकास खंड चंबा के आस्था स्वयं सहायता समूह को 2100 रुपये नकद इनाम , द्वितीय स्थान पर रहे धनेश्वरी स्वयं सहायता समूह को 1500 जबकि तृतीय स्थान पर रहे विकासखंड मैहला के सरस्वती स्वयं सहायता समूह को 1000 रुपये इनाम के तौर पर प्रदान किए गए। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले स्वयं सहायता समूहों को 800 रुपये प्रोत्साहन राशि भी दी गई।
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