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अवैध कटान के आरोपियों को जमानत पर छोड़ा
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चंबा। लिल्ह बीट में देवदार के पेड़ को अवैध रूप से काटने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार कर उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया है। पुलिस ने इस मामले को कोर्ट में भेज दिया है, जहां पर आरोपियों के खिलाफ मुकद्दमा चलेगा। गौरतलब है कि 19 जुलाई को वन विभाग ने पुलिस चौकी गैहरा में वन काटुओं के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी।
पहले पुलिस आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए आनाकानी कर रही थी। इसको लेकर वनमंडलाधिकारी ने पुलिस के आलाधिकारी को फोन कर एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा था, तब जाकर पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की। केस दर्ज होने के बाद कई दिन तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहे। कुछ दिन पहले पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद जमानत पर आरोपियों को छोड़ दिया गया।
17 जुलाई को जब लिल्ह बीट का वन रक्षक जंगल में गश्त कर रहा था तो तीन लोग अवैध रूप से पेड़ काट रहे थे। वनरक्षक ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो एक वनकाटु वनरक्षक को कुल्हाड़ी से मारने पर उतारू हो गया। वनरक्षक ने बड़ी मुश्किल से वहां से भागकर अपनी जान बचाई थी। इस मामले को लेकर वन विभाग की कर्मचारी एसोसिएशनों ने भी कड़ी निंदा की थी। पुलिस अधीक्षक अरुल कुमार ने बताया कि अवैध कटान में हुई एफआईआर में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिन्हें जमानत पर छोड़ा गया है। वनमंडलाधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि वन काटुओं के खिलाफ वन विभाग सख्ती से कार्रवाई कर रहा है।
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पहले पुलिस आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए आनाकानी कर रही थी। इसको लेकर वनमंडलाधिकारी ने पुलिस के आलाधिकारी को फोन कर एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा था, तब जाकर पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की। केस दर्ज होने के बाद कई दिन तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहे। कुछ दिन पहले पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद जमानत पर आरोपियों को छोड़ दिया गया।
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17 जुलाई को जब लिल्ह बीट का वन रक्षक जंगल में गश्त कर रहा था तो तीन लोग अवैध रूप से पेड़ काट रहे थे। वनरक्षक ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो एक वनकाटु वनरक्षक को कुल्हाड़ी से मारने पर उतारू हो गया। वनरक्षक ने बड़ी मुश्किल से वहां से भागकर अपनी जान बचाई थी। इस मामले को लेकर वन विभाग की कर्मचारी एसोसिएशनों ने भी कड़ी निंदा की थी। पुलिस अधीक्षक अरुल कुमार ने बताया कि अवैध कटान में हुई एफआईआर में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिन्हें जमानत पर छोड़ा गया है। वनमंडलाधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि वन काटुओं के खिलाफ वन विभाग सख्ती से कार्रवाई कर रहा है।
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