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Chamba News: नहीं सुधरा खस्ताहाल रेस्टरूम तो किराये पर कमरा लेकर चैन की नींद ले रहे चालक

Thu, 16 May 2024 10:20 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Thu, 16 May 2024 10:20 PM IST
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If the dilapidated restrooms have not been improved, the drivers are sleeping peacefully by taking rooms on rent.
चंबा। परिवहन निगम के चंबा डिपो में खस्ताहाल रेस्ट रूम की मरम्मत न होने और सुविधाएं न मिलने से उखड़े चालकों ने किराये पर कमरा लेकर रहना शुरू कर दिया है।
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चालकों ने कहा कि दिन और रात बसों का स्टीयरिंग थामने के बाद आराम करने के लिए उन्हें जो रेस्टरूम मिला है, उसकी हालत बेहद खस्ता है। इसमें न तो पंखे हैं और न ही पूरे बेड। गद्दे और स्विच बोर्ड भी नहीं हैं। गर्मी के मौसम में पंखे न होने से चैन की नींद नहीं ले पाते हैं। ऊपर से खटमल और मच्छर सोने नहीं देते हैं। उन्होंने कहा कि रेस्टरूम में महज छह ही बेड लगे हैं। ऐसे में उन्होंने किराये पर कमरा लेकर रहना ही उचित समझा।
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चालक यूनियन के प्रधान हेम राज ने कहा कि हजारों मीलों का सफर कर जब आराम करने पहुंचते हैं तो रेस्ट रूम में एक तो भीषण गर्मी और ऊपर से खटमल परेशान करते हैं। कहा कि बार-बार मांग उठाने के बाद भी निगम प्रबंधन चालकों के लिए बेहतर व्यवस्था नहीं कर पाया है। रेस्ट रूम में महज छह बेड हैं। इनमें एक बेड पर दो चालक आराम करते हैं। ये बिस्तर भी पत्थरों के सहारे टिकाए गए हैं। कुछ चालक ऐसे हैं, जिन्हें रेस्ट रूम में जगह नहीं मिलती है तो बसों में नींद पूरी करते हैं। मजबूरन 80 प्रतिशत चालक किराये के कमरे में रह रहे हैं। 20 प्रतिशत चालक खस्ताहाल रेस्ट रूम और बसों में ही आराम करते हैं। चालकों ने आरएम से मांग की है कि या तो उन्हें नया रेस्ट रूम दिया जाए या तो खस्ताहाल रेस्ट रूम की दशा को सुधारा जाए।
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उधर, एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक शुगल सिंह ने कहा कि यह मामला ध्यान में है। आचार संहिता के बाद ही इस समस्या का समाधान हो पाएगा। इस बारे में उच्चाधिकारी को प्रस्ताव भी भेजा गया है।
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