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Chamba News: आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पति की जमानत याचिका खारिज की
Sat, 14 Mar 2026 10:34 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 14 Mar 2026 10:34 PM IST
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विशेष न्यायाधीश प्रीति ठाकुर की अदालत ने सुनाया अहम फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पति की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। विशेष न्यायाधीश प्रीति ठाकुर की अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
8 फरवरी 2026 को लगभग 1.45 बजे (मध्य रात्रि) राजिंद्र कुमार निवासी काथला की पत्नी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को दिए बयान में मृतका के भाई ने कहा कि उनके जीजा की शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना से वह पूरी तरह से टूट चुकी थी। उन्होंने बताया कि अकसर आरोपी उनकी बहन से मारपीट करता था। इससे पहले भी तीन से चार बार पति की प्रताड़ना से दुखी होकर उनकी बहन ने मायके में आश्रय लिया लेकिन बार-बार पति भविष्य में ऐसा न करने का हवाला देकर उनकी बहन को अपने साथ ले जाता रहा। कुछ दिन तक उनके घर में शांति रहती। इसके बाद फिर आरोपी उनकी बहन को प्रताड़ित करता था। इससे पूरी तरह टूट चुकी उनकी बहन को आखिरकार यह खौफनाक कदम उठाना पड़ा।
आरोपी ने जमानत याचिका के लिए तर्क दिया कि वह घर पर अकेला कमाने वाला है। उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं है। न्यायालय ने मामले और उससे जुड़े सबूतों को ध्यान में रखते हुए आखिरकार आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पति की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। विशेष न्यायाधीश प्रीति ठाकुर की अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
8 फरवरी 2026 को लगभग 1.45 बजे (मध्य रात्रि) राजिंद्र कुमार निवासी काथला की पत्नी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को दिए बयान में मृतका के भाई ने कहा कि उनके जीजा की शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना से वह पूरी तरह से टूट चुकी थी। उन्होंने बताया कि अकसर आरोपी उनकी बहन से मारपीट करता था। इससे पहले भी तीन से चार बार पति की प्रताड़ना से दुखी होकर उनकी बहन ने मायके में आश्रय लिया लेकिन बार-बार पति भविष्य में ऐसा न करने का हवाला देकर उनकी बहन को अपने साथ ले जाता रहा। कुछ दिन तक उनके घर में शांति रहती। इसके बाद फिर आरोपी उनकी बहन को प्रताड़ित करता था। इससे पूरी तरह टूट चुकी उनकी बहन को आखिरकार यह खौफनाक कदम उठाना पड़ा।
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आरोपी ने जमानत याचिका के लिए तर्क दिया कि वह घर पर अकेला कमाने वाला है। उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं है। न्यायालय ने मामले और उससे जुड़े सबूतों को ध्यान में रखते हुए आखिरकार आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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