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Chamba News: मेडिकल कॉलेज में नहीं हो रहा गर्भवतियों का हेपेटाइटिस बी टेस्ट
Thu, 14 Dec 2023 10:48 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 14 Dec 2023 10:48 PM IST
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा की माइक्रो बायोलॉजी लैब में गर्भवती महिलाओं का हेपेटाइटिस बी टेस्ट नहीं किया जा रहा है।
उन्हें निजी प्रयोगशाला में 200 रुपये देकर यह टेस्ट करवाना पड़ रहा है। सरकारी प्रयोगशाला में यह टेस्ट निशुल्क होता है। गर्भवती महिलाओं का जब अस्पताल में एएनसी कार्ड बनाया जाता है तो उस दौरान उनके लिए हेपेटाइटिस टेस्ट करवाना अनिवार्य होता है। इससे गर्भवती महिलाओं के लिवर में संक्रमण का पता चलता है। जिले की सैकड़ों गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य जांच के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज आती हैं। प्रसव के लिए भी मेडिकल कॉलेज चंबा आती हैं। जिले के अन्य अस्पतालों में महिला रोग विशेषज्ञाें के पद खाली हैं।
उधर, मरीजों की सुविधा के लिए सरकार ने मेडिकल कॉलेज में क्रस्ना लैब खोली है, लेकिन इस लैब में मरीजों की रिपोर्ट दो से तीन दिन में दी जा रही है। इसका असर मरीजों के इलाज पर पड़ रहा है। तीमारदारों में अशोक कुमार, हंसराज, रवि कुमार, टेक चंद, किशोर, देवी सिंह और मनोज कुमार ने बताया कि गर्भवती महिलाएं टेस्ट के लिए इधर-उधर नहीं भटक सकती। इसलिए मेडिकल कॉलेज की सरकारी प्रयोगशाला में ही हेपेटाइटिस बी के टेस्ट की सुविधा होनी चाहिए।
उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि बायो की लैब में इस बात का पता लगाया जाएगा कि यह टेस्ट क्यों नहीं किया जा रहा है। मरीजों की सुविधा के लिए यह टेस्ट सरकारी लैब में शीघ्र शुरू करवाया जाएगा।
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उन्हें निजी प्रयोगशाला में 200 रुपये देकर यह टेस्ट करवाना पड़ रहा है। सरकारी प्रयोगशाला में यह टेस्ट निशुल्क होता है। गर्भवती महिलाओं का जब अस्पताल में एएनसी कार्ड बनाया जाता है तो उस दौरान उनके लिए हेपेटाइटिस टेस्ट करवाना अनिवार्य होता है। इससे गर्भवती महिलाओं के लिवर में संक्रमण का पता चलता है। जिले की सैकड़ों गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य जांच के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज आती हैं। प्रसव के लिए भी मेडिकल कॉलेज चंबा आती हैं। जिले के अन्य अस्पतालों में महिला रोग विशेषज्ञाें के पद खाली हैं।
उधर, मरीजों की सुविधा के लिए सरकार ने मेडिकल कॉलेज में क्रस्ना लैब खोली है, लेकिन इस लैब में मरीजों की रिपोर्ट दो से तीन दिन में दी जा रही है। इसका असर मरीजों के इलाज पर पड़ रहा है। तीमारदारों में अशोक कुमार, हंसराज, रवि कुमार, टेक चंद, किशोर, देवी सिंह और मनोज कुमार ने बताया कि गर्भवती महिलाएं टेस्ट के लिए इधर-उधर नहीं भटक सकती। इसलिए मेडिकल कॉलेज की सरकारी प्रयोगशाला में ही हेपेटाइटिस बी के टेस्ट की सुविधा होनी चाहिए।
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उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि बायो की लैब में इस बात का पता लगाया जाएगा कि यह टेस्ट क्यों नहीं किया जा रहा है। मरीजों की सुविधा के लिए यह टेस्ट सरकारी लैब में शीघ्र शुरू करवाया जाएगा।
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