{"_id":"6654cccd1377a4ba110cf333","slug":"had-to-leave-school-as-water-was-not-available-in-scorching-heat-chamba-news-c-88-1-ssml1006-125720-2024-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: तपती गर्मी में नहीं मिला पानी तो करनी पड़ी स्कूल में छुट्टी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: तपती गर्मी में नहीं मिला पानी तो करनी पड़ी स्कूल में छुट्टी
Mon, 27 May 2024 11:41 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 27 May 2024 11:41 PM IST
विज्ञापन
चंबा। राजकीय उच्च पाठशाला बैली में भीषण गर्मी के बीच पीने का पानी नहीं मिलने के कारण विद्यार्थियों को आधे दिन की छुट्टी देनी पड़ी।
जलशक्ति विभाग स्कूल में पेयजल मुहैया नहीं करवा पा रहा है। उधर, पिछले सात दिन से पीने का पानी न मिलने से ग्रामीण भड़क उठे हैं। उन्होंने जलशक्ति विभाग को चेतावनी दी है कि अगर एक जून से पहले पानी की सप्लाई बहाल नहीं की गई तो वे मतदान करने के बजाय चंबा-पठानकोट एनएच पर चक्का जाम करेंगे। वहीं, सोमवार को विद्यार्थी बोतलों में तो पानी लेकर स्कूल पहुंचे थे, लेकिन भीषण गर्मी के बीच बार-बार प्यास लगने के कारण यह पानी खत्म हो गया। इसके बाद विद्यार्थी स्कूल में लगे नल की ओर दौड़ लगाने लगे, लेकिन इसमें भी पानी की बूंद नहीं टपक रही थी। तपती गर्मी के बीच विद्यार्थियों का प्यास से बुरा हाल हो गया। शिक्षक भी पानी की व्यवस्था करने में असमर्थ नजर आए। इसके बाद एसएमसी से चर्चा करने के बाद आधे दिन की छुट्टी लेने का फैसला लिया गया। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष की सहमति लेकर बच्चों को स्कूल से छुट्टी दी गई। छठी, सातवीं और आठवीं कक्षा के बच्चों को पूरा दिन पढ़ाई नहीं करवाई गई। स्कूल में विद्यार्थियों के पीने के लिए पानी खत्म हो चुका है। ऐसे में तपती गर्मी से बच्चे काफी परेशान हो रहे हैं।
दरअसल, बैली पंचायत में पिछले सात दिन से लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। पंचायत के लोगों को पीने के लिए पानी का जुगाड़ दूसरे गांव या प्राकृतिक पेयजल स्रोतों से करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को भी इस समस्या के बारे में बताया गया, लेकिन अभी तक पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई है। पोथा, बासी, चुंढियारा सहित अन्य आस पास के गांव में सात दिनों से पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है। ग्रामीणों में नाथकुटा, मदन, जैती बैली, पुरुषोत्तम, अश्विन, देवराज और बाबूराम ने बताया कि एक जून से पहले यदि पंचायत में पानी की किल्लत को दूर नहीं किया गया तो ग्रामीण वोट डालने की बजाय एनएच पर चक्का जाम कर देंगे।
--
स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रिखी राम ने बताया कि स्कूल में पानी की आपूर्ति नहीं होने से बच्चों को आधे दिन में छुट्टी देनी पड़ी। छुट्टी देने से पहले स्कूल प्रबंधन ने उनके साथ भी विचार-विमर्श किया। गर्मी को देखते हुए बच्चों को छुट्टी देनी पड़ी।
विज्ञापन
--
राजकीय उच्च पाठशाला बैली के प्रिंसिपल ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि स्कूल में दो दिन से पानी नहीं आया है। सोमवार को प्रार्थना सभा के दौरान दो विद्यार्थियों को चक्कर आ गया। दोपहर के समय कई बच्चे पानी मांग रहे थे। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एसएमसी से चर्चा के बाद छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों को आधे दिन के बाद छुट्टी दी गई।
-- जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता अजय महाजन ने बताया कि पेयजल स्रोतों में पानी का जल स्तर गिरने से बैली गांव में पानी की किल्लत हो रही है। इसके समाधान को लेकर विभाग पूरे प्रयास कर रहा है। स्कूल में पानी की आपूर्ति पेयजल लाइन खराब होने के कारण बंद रही। इसे ठीक करवा दिया गया है।
--
विज्ञापन
जलशक्ति विभाग स्कूल में पेयजल मुहैया नहीं करवा पा रहा है। उधर, पिछले सात दिन से पीने का पानी न मिलने से ग्रामीण भड़क उठे हैं। उन्होंने जलशक्ति विभाग को चेतावनी दी है कि अगर एक जून से पहले पानी की सप्लाई बहाल नहीं की गई तो वे मतदान करने के बजाय चंबा-पठानकोट एनएच पर चक्का जाम करेंगे। वहीं, सोमवार को विद्यार्थी बोतलों में तो पानी लेकर स्कूल पहुंचे थे, लेकिन भीषण गर्मी के बीच बार-बार प्यास लगने के कारण यह पानी खत्म हो गया। इसके बाद विद्यार्थी स्कूल में लगे नल की ओर दौड़ लगाने लगे, लेकिन इसमें भी पानी की बूंद नहीं टपक रही थी। तपती गर्मी के बीच विद्यार्थियों का प्यास से बुरा हाल हो गया। शिक्षक भी पानी की व्यवस्था करने में असमर्थ नजर आए। इसके बाद एसएमसी से चर्चा करने के बाद आधे दिन की छुट्टी लेने का फैसला लिया गया। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष की सहमति लेकर बच्चों को स्कूल से छुट्टी दी गई। छठी, सातवीं और आठवीं कक्षा के बच्चों को पूरा दिन पढ़ाई नहीं करवाई गई। स्कूल में विद्यार्थियों के पीने के लिए पानी खत्म हो चुका है। ऐसे में तपती गर्मी से बच्चे काफी परेशान हो रहे हैं।
दरअसल, बैली पंचायत में पिछले सात दिन से लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। पंचायत के लोगों को पीने के लिए पानी का जुगाड़ दूसरे गांव या प्राकृतिक पेयजल स्रोतों से करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को भी इस समस्या के बारे में बताया गया, लेकिन अभी तक पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई है। पोथा, बासी, चुंढियारा सहित अन्य आस पास के गांव में सात दिनों से पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है। ग्रामीणों में नाथकुटा, मदन, जैती बैली, पुरुषोत्तम, अश्विन, देवराज और बाबूराम ने बताया कि एक जून से पहले यदि पंचायत में पानी की किल्लत को दूर नहीं किया गया तो ग्रामीण वोट डालने की बजाय एनएच पर चक्का जाम कर देंगे।
विज्ञापन
स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रिखी राम ने बताया कि स्कूल में पानी की आपूर्ति नहीं होने से बच्चों को आधे दिन में छुट्टी देनी पड़ी। छुट्टी देने से पहले स्कूल प्रबंधन ने उनके साथ भी विचार-विमर्श किया। गर्मी को देखते हुए बच्चों को छुट्टी देनी पड़ी।
विज्ञापन
राजकीय उच्च पाठशाला बैली के प्रिंसिपल ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि स्कूल में दो दिन से पानी नहीं आया है। सोमवार को प्रार्थना सभा के दौरान दो विद्यार्थियों को चक्कर आ गया। दोपहर के समय कई बच्चे पानी मांग रहे थे। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एसएमसी से चर्चा के बाद छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों को आधे दिन के बाद छुट्टी दी गई।