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लकड़ी के सहारे उफनती खड्ड पार करने को मजबूर
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भरमौर (चंबा)। बलोठ पंचायत के ग्रामीण उफनती बेलोबी खड्ड को जान जोखिम में डालकर लकड़ी के सहारे पार करने के लिए मजबूर हैं।
यह पंचायत आज दिन तक सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाई है। बरसात के दिनों में खड्ड का जलस्तर बढ़ जाता है। इससे ग्रामीणों की दिक्कतें बढ़ जाती हैं। लोगों का कहना है कि बलोठ पंचायत के गांवों की 1300 की आबादी को हर बार महज वोट बैंक के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है।
कई वर्षों से राजनीतिक दलों, शासन और प्रशासन से सड़क की मांग उठाने के बावजूद उनके गांव सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। ऐसे में अब ग्रामीणों ने संबंधित विभाग को चेताया है कि यदि विधानसभा चुनाव से पहले उनके गांवों को सड़क सुविधा से नहीं जोड़ा गया तो वे विवश होकर चुनाव का बहिष्कार करेंगे। बलोठ पंचायत के गांव अलमी, कलौंस, सालनेड़, भदरा, भदरुन, गिरड़, खिलड़कल, कन्हैतर, गुवाड़ी, गुईली, कुहेड़, थल्ला और चनून में अगर कोई व्यक्ति बीमार हो जाता है तो उसे पीठ या पालकी में उठाकर ही 13 किमी पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया जाता है। कई बार मरीज अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बतोट से अलमी तक सड़क बनने से लोगों को लाभ होगा।
ग्रामीणों हुकमी राम, प्रकाश चंद, देवराज, पवन कुमार, दीनू राम, उद्यमी राम, प्रकाश चंद आदि ने बताया कि गांवों से बच्चे पढ़ने के लिए प्राथमिक पाठशाला थल्ला, कलौंस, गिरड़ी, अलमी और मिडल स्कूल कलौंस जाते हैं। सड़क के अभाव में अभिभावकों को ही बारिश के दिनों में बच्चों को स्कूल छोड़ने और लाने के लिए जाना पड़ता है। ग्राम पंचायत बलोठ के प्रधान देवराज ने कहा कि लोक निर्माण विभाग ने दुनाली से बतोट तक छह किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य 1977 में शुरू किया था जो बीते छह माह पहले ही पूरा हो पाया है। अब आगे सड़क का निर्माण कार्य अधर में लटका है। उन्होंने वन विभाग से सड़क कार्य करवाने की मांग की है।
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लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संजीव महाजन ने बताया कि लाडा के तहत कार्य संबंधी प्रस्ताव बनाकर मंजूरी के लिए भेजा है। स्वीकृति मिलने के बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
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यह पंचायत आज दिन तक सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाई है। बरसात के दिनों में खड्ड का जलस्तर बढ़ जाता है। इससे ग्रामीणों की दिक्कतें बढ़ जाती हैं। लोगों का कहना है कि बलोठ पंचायत के गांवों की 1300 की आबादी को हर बार महज वोट बैंक के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है।
कई वर्षों से राजनीतिक दलों, शासन और प्रशासन से सड़क की मांग उठाने के बावजूद उनके गांव सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। ऐसे में अब ग्रामीणों ने संबंधित विभाग को चेताया है कि यदि विधानसभा चुनाव से पहले उनके गांवों को सड़क सुविधा से नहीं जोड़ा गया तो वे विवश होकर चुनाव का बहिष्कार करेंगे। बलोठ पंचायत के गांव अलमी, कलौंस, सालनेड़, भदरा, भदरुन, गिरड़, खिलड़कल, कन्हैतर, गुवाड़ी, गुईली, कुहेड़, थल्ला और चनून में अगर कोई व्यक्ति बीमार हो जाता है तो उसे पीठ या पालकी में उठाकर ही 13 किमी पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया जाता है। कई बार मरीज अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बतोट से अलमी तक सड़क बनने से लोगों को लाभ होगा।
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ग्रामीणों हुकमी राम, प्रकाश चंद, देवराज, पवन कुमार, दीनू राम, उद्यमी राम, प्रकाश चंद आदि ने बताया कि गांवों से बच्चे पढ़ने के लिए प्राथमिक पाठशाला थल्ला, कलौंस, गिरड़ी, अलमी और मिडल स्कूल कलौंस जाते हैं। सड़क के अभाव में अभिभावकों को ही बारिश के दिनों में बच्चों को स्कूल छोड़ने और लाने के लिए जाना पड़ता है। ग्राम पंचायत बलोठ के प्रधान देवराज ने कहा कि लोक निर्माण विभाग ने दुनाली से बतोट तक छह किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य 1977 में शुरू किया था जो बीते छह माह पहले ही पूरा हो पाया है। अब आगे सड़क का निर्माण कार्य अधर में लटका है। उन्होंने वन विभाग से सड़क कार्य करवाने की मांग की है।
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लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संजीव महाजन ने बताया कि लाडा के तहत कार्य संबंधी प्रस्ताव बनाकर मंजूरी के लिए भेजा है। स्वीकृति मिलने के बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।