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Chamba News: छह महीने घर-घर जाकर दी स्वच्छता की सीख, अब मेहनताने के नाम पर मिल रहे वादे
Sun, 06 Jul 2025 04:27 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 06 Jul 2025 04:27 AM IST
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चंबा नगर परिषद ने 22 महिलाओं को सौंपा था जागरूकता अभियान का जिम्मा
11 वार्डों में रोजाना डोर-टू-डोर जाकर किया गीला-सूखा कचरा अलग देने का आग्रह
प्रति राशन कार्ड तय था 10 रुपये भुगतान, बजट का हवाला देकर परिषद पीछे हटी
महिलाएं बोलीं, सेवा की लेकिन हक तो मिलना चाहिए, कड़ी धूप में भी किया है काम
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। स्वच्छता के प्रति छह महीने तक घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने वाली महिलाओं को आज तक मेहनताना नहीं मिला है। नगर परिषद चंबा की ओर से चलाए गए इस जागरूकता अभियान में स्वयं सहायता समूह की 22 महिलाओं को जिम्मा सौंपा गया था कि वे शहर के 11 वार्डों में डोर-टू-डोर जाकर लोगों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग देने के लिए प्रेरित करें।
महिलाओं ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए न केवल लोगों को जागरूक किया, बल्कि हर घर में जाकर कूड़े की रसीद की जांच भी की और स्वच्छता से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी। इसके बदले उन्हें प्रति राशन कार्ड 10 रुपये भुगतान का वादा किया गया था, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बावजूद अब तक उन्हें एक भी रुपया नहीं मिला है। नगर परिषद ने भुगतान में देरी का कारण बजट न आना बताया है। वहीं, महिलाओं का कहना है कि उन्होंने बिना किसी बाधा के कार्य किया और अब उनके अधिकार की अनदेखी की जा रही है।
वे हर सुबह वार्डों में निकलती थीं, लोगों से मिलतीं, उन्हें समझाते समय कभी-कभी अपमान भी झेलतीं, लेकिन काम नहीं छोड़ा। अब जब मेहनत का फल चाहिए, तो केवल वादे मिल रहे हैं, अब यह मामला चर्चा का विषय बन गया है और नगर परिषद पर जवाबदेही बढ़ती जा रही है। महिलाओं ने मांग की है कि उन्हें जल्द से जल्द उनका मेहनताना दिया जाए, ताकि भविष्य में कोई और ऐसे कार्य से पहले दस बार सोचने पर मजबूर न हो।
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इनसेट
जैसे ही बजट आएगा। तो इन महिलाओं को मेहनताना दे दिया जाएगा। उम्मीद है कि जल्द ही बजट का प्रावधान हो जाए। -रुचि महाजन, एनयूएलएम मैनेजर
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11 वार्डों में रोजाना डोर-टू-डोर जाकर किया गीला-सूखा कचरा अलग देने का आग्रह
प्रति राशन कार्ड तय था 10 रुपये भुगतान, बजट का हवाला देकर परिषद पीछे हटी
महिलाएं बोलीं, सेवा की लेकिन हक तो मिलना चाहिए, कड़ी धूप में भी किया है काम
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। स्वच्छता के प्रति छह महीने तक घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने वाली महिलाओं को आज तक मेहनताना नहीं मिला है। नगर परिषद चंबा की ओर से चलाए गए इस जागरूकता अभियान में स्वयं सहायता समूह की 22 महिलाओं को जिम्मा सौंपा गया था कि वे शहर के 11 वार्डों में डोर-टू-डोर जाकर लोगों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग देने के लिए प्रेरित करें।
महिलाओं ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए न केवल लोगों को जागरूक किया, बल्कि हर घर में जाकर कूड़े की रसीद की जांच भी की और स्वच्छता से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी। इसके बदले उन्हें प्रति राशन कार्ड 10 रुपये भुगतान का वादा किया गया था, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बावजूद अब तक उन्हें एक भी रुपया नहीं मिला है। नगर परिषद ने भुगतान में देरी का कारण बजट न आना बताया है। वहीं, महिलाओं का कहना है कि उन्होंने बिना किसी बाधा के कार्य किया और अब उनके अधिकार की अनदेखी की जा रही है।
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वे हर सुबह वार्डों में निकलती थीं, लोगों से मिलतीं, उन्हें समझाते समय कभी-कभी अपमान भी झेलतीं, लेकिन काम नहीं छोड़ा। अब जब मेहनत का फल चाहिए, तो केवल वादे मिल रहे हैं, अब यह मामला चर्चा का विषय बन गया है और नगर परिषद पर जवाबदेही बढ़ती जा रही है। महिलाओं ने मांग की है कि उन्हें जल्द से जल्द उनका मेहनताना दिया जाए, ताकि भविष्य में कोई और ऐसे कार्य से पहले दस बार सोचने पर मजबूर न हो।
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जैसे ही बजट आएगा। तो इन महिलाओं को मेहनताना दे दिया जाएगा। उम्मीद है कि जल्द ही बजट का प्रावधान हो जाए। -रुचि महाजन, एनयूएलएम मैनेजर