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Chamba News: कांग्रेस का खौफ या बीजेपी पर उलटी पड़ी चाल
Fri, 10 Jul 2026 10:38 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 10 Jul 2026 10:38 PM IST
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जिला परिषद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की जंग में भाजपा का दांव पड़ा उलटा
मजबूत दावेदारों को दरकिनार कर निर्दलीय पर भरोसा, कांग्रेस की रणनीति के आगे नहीं चला खेल
विस अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, विधायक, पूर्व शिक्षा मंत्री, रणनीतिकारों की रणनीति में फंसी भाजपा
सुभाष कुमार अग्निहोत्री
चंबा। जिला परिषद अध्यक्ष पद की सियासत में भाजपा की रणनीति अपने ही खेमे में उलटी पड़ गई। अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमाने का दम रखने वाले जिला परिषद सदस्यों को दरकिनार कर निर्दलीय चेहरे पर लगाया दांव पार्टी के हित में साबित नहीं हो पाया। इससे भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या कांग्रेस के खौफ में भाजपा ने जल्दबाजी में फैसला लिया या फिर रणनीति बनाने में कहीं चूक हो गई। पार्टी के पास अपने समर्थित सदस्यों में से मजबूत विकल्प थे लेकिन निर्दलीय प्रत्याशी पर भरोसा जताने का फैसला कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को रास नहीं आ रहा है। वहीं, कांग्रेस ने जिला परिषद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की कुर्सी के लिए रणनीति के साथ कुछ दिन से मोर्चाबंदी की थी। पार्टी के रणनीतिकारों की टीम में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुरजीत भरमौरी, विधायक नीरज नैय्यर, पूर्व शिक्षा मंत्री आशा कुमारी, दिलदार अली, यशवंत खन्ना ने भाजपा के दांव को मात दे दी। अब भाजपा में हार के कारणों पर मंथन शुरू हो गया है। भाजपा कार्यकर्ता दबी जुबान में जिला स्तर पर तालमेल की कमी और सही चेहरे के चयन में चूक को इसकी वजह बता रहे हैं।
-- भाजपा जिलाध्यक्ष धीरज नरयाल ने बताया कि भाजपा समर्थित पांच जिप सदस्य और तीन निर्दलीय उनके साथ चयन करने के लिए पहुंचे। जीत सुनिश्चित करने के लिए भाजपा समर्थित जिप सदस्यों के बजाय निर्दलीय प्रत्याशियों पर दांव खेला गया लेकिन कांग्रेस के पास दस जिप सदस्य होने से उनके जिप सदस्यों को जीत मिली।
-- कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुरजीत भरमौरी ने बताया कि मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में तैनात की गई टीम की रणनीति के आगे भाजपा पूरी तरह से ढेर हुई है। उन्हें अपने ही सदस्यों पर भरोसा नहीं था। इसलिए निर्दलीय सदस्यों पर दाव खेला और मुंह की खानी पड़ी।
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मजबूत दावेदारों को दरकिनार कर निर्दलीय पर भरोसा, कांग्रेस की रणनीति के आगे नहीं चला खेल
विस अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, विधायक, पूर्व शिक्षा मंत्री, रणनीतिकारों की रणनीति में फंसी भाजपा
सुभाष कुमार अग्निहोत्री
चंबा। जिला परिषद अध्यक्ष पद की सियासत में भाजपा की रणनीति अपने ही खेमे में उलटी पड़ गई। अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमाने का दम रखने वाले जिला परिषद सदस्यों को दरकिनार कर निर्दलीय चेहरे पर लगाया दांव पार्टी के हित में साबित नहीं हो पाया। इससे भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या कांग्रेस के खौफ में भाजपा ने जल्दबाजी में फैसला लिया या फिर रणनीति बनाने में कहीं चूक हो गई। पार्टी के पास अपने समर्थित सदस्यों में से मजबूत विकल्प थे लेकिन निर्दलीय प्रत्याशी पर भरोसा जताने का फैसला कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को रास नहीं आ रहा है। वहीं, कांग्रेस ने जिला परिषद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की कुर्सी के लिए रणनीति के साथ कुछ दिन से मोर्चाबंदी की थी। पार्टी के रणनीतिकारों की टीम में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुरजीत भरमौरी, विधायक नीरज नैय्यर, पूर्व शिक्षा मंत्री आशा कुमारी, दिलदार अली, यशवंत खन्ना ने भाजपा के दांव को मात दे दी। अब भाजपा में हार के कारणों पर मंथन शुरू हो गया है। भाजपा कार्यकर्ता दबी जुबान में जिला स्तर पर तालमेल की कमी और सही चेहरे के चयन में चूक को इसकी वजह बता रहे हैं।
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