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बारिश के पानी से भर गया मेले का पंडाल
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मिंजर मेले में बनाए गए पंडाल में भरा पानी।संवाद
- फोटो : Chamba
चंबा। मिंजर मेले की सांस्कृतिक संध्या में दर्शकों के बैठने के लिए लगाए गए पंडाल में बारिश का पानी भर गया। पानी की निकासी को लेकर पंडाल के चारों तरफ ठेकेदार और प्रशासन की ओर से उचित प्रबंध नहीं किए गए थे। इसके चलते बुधवार देर रात को हुई बारिश से पूरा पंडाल पानी से भर गया। पंडाल के अंदर दर्शकों के बैठने के लिए बिछाई मैट भी पानी से भीग गई। मेले में दर्शकों के लिए जो पंडाल बनाया गया है उसकी छत पर कई जगह छेद हैं जहां से बारिश होने पर सारा पानी अंदर टपकने लगता है। हैरानी इस बात की है कि प्रशासन ने जब यह पंडाल लगाया तो उसको एक बार भी नहीं जांचा। इतना ही नहीं, इस बार पंडाल की छत पर किसी प्रकार का कपड़ा नहीं लगाया गया है। इससे पहले पंडाल की छत पर कपड़े की शीट लगाकर उसे ढका जाता था। इससे बारिश होने पर पंडाल की छत नहीं टपकती थी।
यही नहीं, चौगान में बनाए जाने वाले पंडालों में पानी की निकासी के लिए सीमेंट के स्कपर रखे गए थे जिससे बारिश का पानी पंडाल के भीतर नहीं जाता था। इस बार इस प्रकार की कोई व्यवस्था पंडाल में देेखने को नहीं मिल रही है। केवल वीआईपी को बेहतर व्यवस्था देने के लिए पंडाल के कुछ भाग को पानी से सुरक्षित बनाया गया है। वहां दो-तीन गद्दे भी बिछाए जा रहे हैं जबकि अन्य दर्शकों के लिए मात्र फुट मैट बिछाई जा रही है। ऐसे में लोग प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़ा कर रहे हैं।
उपमंडल अधिकारी अरुण शर्मा ने बताया कि मौके पर जाकर व्यवस्था का जायजा लेने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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यही नहीं, चौगान में बनाए जाने वाले पंडालों में पानी की निकासी के लिए सीमेंट के स्कपर रखे गए थे जिससे बारिश का पानी पंडाल के भीतर नहीं जाता था। इस बार इस प्रकार की कोई व्यवस्था पंडाल में देेखने को नहीं मिल रही है। केवल वीआईपी को बेहतर व्यवस्था देने के लिए पंडाल के कुछ भाग को पानी से सुरक्षित बनाया गया है। वहां दो-तीन गद्दे भी बिछाए जा रहे हैं जबकि अन्य दर्शकों के लिए मात्र फुट मैट बिछाई जा रही है। ऐसे में लोग प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़ा कर रहे हैं।
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उपमंडल अधिकारी अरुण शर्मा ने बताया कि मौके पर जाकर व्यवस्था का जायजा लेने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।