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हर आंगनबाड़ी में होने चाहिए शौचालय
ब्यूरो, अमर उजाला, चंबा।
Updated Tue, 28 Mar 2017 11:05 PM IST
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चंबा जिले में 6 वर्ष तक की आयु के 49,525 बच्चों को विशेष पोषाहार कार्यक्रम के तहत पोषाहार उपलब्ध करवाया जा रहा है।
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अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी शुभकरण सिंह ने मंगलवार को बचत भवन में जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं समीक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि विशेष पोषाहार कार्यक्रम के तहत जिले में 9,410 गर्भवती और धात्री महिलाओं को भी लाभान्वित किया जा रहा है।
चंबा में 1,422 आंगनबाड़ी केंद्रों और 73 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बाल विकास परियोजनाओं को संचालित किया जा रहा है। पूर्व शाला शिक्षा कार्यक्रम के तहत 3 से 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों को पूर्व शाला शिक्षा दी जाती है।
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इस समय जिले में इस योजना के तहत 9,912 लड़कों जबकि 10,085 लड़कियों को आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए पूर्व शाला शिक्षा मुहैया की जा रही है। बेटी है अनमोल योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों में जन्मी दो लड़कियों को 10000 रुपये की धनराशि प्रदान की जाती है।
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चालू वित्त वर्ष में अब तक बेटी है अनमोल योजना के तहत जिले में पहली से बारहवीं कक्षा तक पढ़ने वाली लड़कियों को इस योजना के तहत एक करोड़ 66 लाख रुपये की राशि दी जा चुकी है।
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय और पीने के पानी की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी कहा। उन्होंने जिले में संचालित बाल- बालिका आश्रमों के औचक निरीक्षण की जरूरत पर भी जोर दिया। इस समय जिले के पांच बाल- बालिका आश्रमों में 147 बच्चे रह रहे हैं। इस दौरान राजीव गांधी किशोरी सशक्तीकरण योजना (सबला) की समीक्षा भी की गई।