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Chamba News: मंडल बंद होने से चुराह की बिजली व्यवस्था लड़खड़ाई

Wed, 28 Oct 2026 10:21 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Wed, 28 Oct 2026 10:21 PM IST
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Electricity supply in Churah falters following the closure of the division office
22 हजार उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ी, ट्रांसफार्मर बदलने में लग रहे दो महीने
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नकरोड़ उपमंडल भी बंद, क्षेत्र की 53 पंचायतों में कर्मचारियों की कमी

संवाद न्यूज एजेंसी
चुराह (चंबा)। चुराह में बिजली बोर्ड का मंडल बंद होने का असर बिजली व्यवस्था पर पड़ रहा है। करीब 22 हजार उपभोक्ताओं वाले इस दुर्गम क्षेत्र में ट्रांसफार्मर खराब होने पर उसे बदलने के लिए एक से दो महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है।
मरम्मत कार्यशाला और भंडार गृह की सुविधा न होने से जरूरी उपकरण दूसरे जिलों और पंजाब से मंगवाने पड़ते हैं। वहीं, कर्मचारियों की कमी के कारण दूरदराज के गांवों में बिजली की खराबी दूर करना भी चुनौती बना हुआ है।
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पूर्व भाजपा सरकार ने 16 अगस्त 2022 को तीसा में बिजली बोर्ड का मंडल खोला था। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद 20 दिसंबर 2022 को इसे डिनोटिफाई कर दिया गया। मंडल के अधीन तीसा, नकरोड़ और कोटी उपमंडल थे। नकरोड़ उपमंडल भी बंद होने के बाद अब तीसा और कोटी ही कार्यरत हैं। तीसा में करीब 13 हजार और कोटी में नौ हजार उपभोक्ता हैं।
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चंबा से तीसा की दूरी करीब 70 किलोमीटर है। देवीकोठी, टेपा आयल, सावल, मंगली, चांजू, माखन और चचूल जैसे दूरदराज के क्षेत्रों में बिजली की खराबी दूर करने के लिए कर्मचारियों को लंबा सफर तय करना पड़ता है। बर्फबारी के दौरान स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाती है। क्षेत्र की 53 पंचायतों में स्टाफ की कमी का आलम यह है कि एक कर्मचारी को दो से तीन पंचायतों का जिम्मा संभालना पड़ता है। विधायक डॉ. हंसराज भी विधानसभा में यह मुद्दा उठा चुके हैं। क्षेत्रवासियों ने सरकार से बिजली बोर्ड का मंडल दोबारा खोलने और नकरोड़ उपमंडल बहाल करने की मांग की है। उधर, विद्युत बोर्ड चंबा के अधीक्षण अभियंता राजीव ठाकुर ने बताया, “मंडल खोलना और बंद करना सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है।
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तीसा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पहले से ही लचर है। कुछ समय के लिए व्यवस्था बेहतर हुई थी, लेकिन मंडल डिनोटिफाई होने के बाद मुश्किलें फिर बढ़ गईं। - . लाल दीन, पूर्व प्रधान, गडफरी पंचायत

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पूर्व भाजपा सरकार ने क्षेत्र को मंडल की सौगात दी थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने सत्ता में आते ही इसे बंद कर दिया। चुराह में बिजली व्यवस्था पहले से चरमराई हुई है। - योगेश वर्मा, तीसा
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