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Chamba News: तीसा अस्पताल में बिजली गुल, इमरजेंसी लाइट से करवाना पड़ा प्रसव
Thu, 16 May 2024 10:12 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 16 May 2024 10:12 PM IST
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सिविल अस्पताल तीसा।संवाद
चंबा। तीसा अस्पताल में बिजली न होने से इमरजेंसी लाइट के सहारे गर्भवती महिला का प्रसव करवाना पड़ा। सेईकोठी के कैहला गांव की राजदेई पत्नी मेहबूब को वीरवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई।
परिजनों ने दाई को बुलाकर महिला का घर पर प्रसव करवाने को कहा, लेकिन दाई ने तबीयत बिगड़ने पर संस्थागत प्रसव करवाने का परामर्श दिया गया। परिजनों ने 108 एंबुलेंस से गर्भवती को तीसा अस्पताल पहुंचाया। यहां बिजली की सप्लाई ठप थी। ऐसे में इमरजेंसी लाइट के सहारे महिला का प्रसव करवाया गया। प्रसव के बाद महिला को अस्पताल के वार्ड में शिफ्ट किया गया। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। दोपहर बाद महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। महिला के पति मेहबूब ने बताया कि अस्पताल में बिजली सप्लाई का बंद होना अन्य मरीजों पर भी भारी पड़ सकता है। विद्युत बोर्ड प्रबंधन को पहले की अपेक्षा अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाना चाहिए। दरअसल, तीसा अस्पताल समेत तीसागढ़ गांव में बिजली सप्लाई के लिए लगाया ट्रांसफार्मर खराब है। इसे बोर्ड प्रबंधन ने मरम्मत के लिए पठानकोट भेजा है। अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों के तीमारदारों के मुताबिक अस्पताल में कुछ दिन से बिजली बंद है या लो वोल्टेज की दिक्कत थी। प्रबंधन का आरोप है कि ट्रांसफार्मर से गांव के लिए दी गई सप्लाई की वजह से इसमें लोड़ बढ़ गया और जल गया। उधर, बिजली बोर्ड प्रबंधन शुक्रवार को विद्युत आपूर्ति बहाल करने का दावा कर रहा है।
तीमारदारों में सुरेंद्र कुमार, राज कुमार, दलीप सिंह, मनोज कुमार, सरिता देवी, बीना देवी, जानकी देवी, रेखा देवी, प्रकाश चंद, अशोक कुमार, दलीप कुमार और संजय ने बताया कि बिजली बंद होने से अस्पताल में एक्सरे समेत जरूरी टेस्ट नहीं हो पा रहे हैं। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, भाप देने में इस्तेमाल होने वाला निमोलाइजर, छाती से बलगम खींचने वाली मशीन भी शोपीस बन गई है। पंखे नहीं चल रहे हैं। ऐसे में उपचार के लिए चुराह विधानसभा क्षेत्र की 55 पंचायतों से उपचार के लिए पहुंचने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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सिविल अस्पताल तीसा के कार्यवाहक बीएमओ डॉ. ऋषि पुरी ने बताया कि अस्पताल में बिजली गुल होने को लेकर विद्युत बोर्ड प्रबंधन को अवगत करवाया गया है। बोर्ड कर्मियों द्वारा ट्रांसफार्मर निकाल कर मरम्मत को भेजा गया है। जल्द व्यवस्था बहाल करने की बात कही गई है।
-- विद्युत बोर्ड के कार्यवाहक सहायक अभियंता अमित कुमार ने बताया कि ट्रांसफार्मर जलने के उपरांत अब मरम्मत कार्य के लिए पठानकोट भेजा गया है। बताया कि शुक्रवार तक बिजली सप्लाई को सुचारू करवाने के प्रयास रहेंगे।
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परिजनों ने दाई को बुलाकर महिला का घर पर प्रसव करवाने को कहा, लेकिन दाई ने तबीयत बिगड़ने पर संस्थागत प्रसव करवाने का परामर्श दिया गया। परिजनों ने 108 एंबुलेंस से गर्भवती को तीसा अस्पताल पहुंचाया। यहां बिजली की सप्लाई ठप थी। ऐसे में इमरजेंसी लाइट के सहारे महिला का प्रसव करवाया गया। प्रसव के बाद महिला को अस्पताल के वार्ड में शिफ्ट किया गया। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। दोपहर बाद महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। महिला के पति मेहबूब ने बताया कि अस्पताल में बिजली सप्लाई का बंद होना अन्य मरीजों पर भी भारी पड़ सकता है। विद्युत बोर्ड प्रबंधन को पहले की अपेक्षा अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाना चाहिए। दरअसल, तीसा अस्पताल समेत तीसागढ़ गांव में बिजली सप्लाई के लिए लगाया ट्रांसफार्मर खराब है। इसे बोर्ड प्रबंधन ने मरम्मत के लिए पठानकोट भेजा है। अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों के तीमारदारों के मुताबिक अस्पताल में कुछ दिन से बिजली बंद है या लो वोल्टेज की दिक्कत थी। प्रबंधन का आरोप है कि ट्रांसफार्मर से गांव के लिए दी गई सप्लाई की वजह से इसमें लोड़ बढ़ गया और जल गया। उधर, बिजली बोर्ड प्रबंधन शुक्रवार को विद्युत आपूर्ति बहाल करने का दावा कर रहा है।
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तीमारदारों में सुरेंद्र कुमार, राज कुमार, दलीप सिंह, मनोज कुमार, सरिता देवी, बीना देवी, जानकी देवी, रेखा देवी, प्रकाश चंद, अशोक कुमार, दलीप कुमार और संजय ने बताया कि बिजली बंद होने से अस्पताल में एक्सरे समेत जरूरी टेस्ट नहीं हो पा रहे हैं। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, भाप देने में इस्तेमाल होने वाला निमोलाइजर, छाती से बलगम खींचने वाली मशीन भी शोपीस बन गई है। पंखे नहीं चल रहे हैं। ऐसे में उपचार के लिए चुराह विधानसभा क्षेत्र की 55 पंचायतों से उपचार के लिए पहुंचने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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सिविल अस्पताल तीसा के कार्यवाहक बीएमओ डॉ. ऋषि पुरी ने बताया कि अस्पताल में बिजली गुल होने को लेकर विद्युत बोर्ड प्रबंधन को अवगत करवाया गया है। बोर्ड कर्मियों द्वारा ट्रांसफार्मर निकाल कर मरम्मत को भेजा गया है। जल्द व्यवस्था बहाल करने की बात कही गई है।