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मामूली बीमारी के इलाज के लिए आठ किमी की दौड़
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सलूणी (चंबा)। खरल पंचायत के लुहानी गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र न होने से लोगों को परेशानी हो रही है।
हालात यह हैं कि 5,000 की आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए आठ किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। इससे नजदीक लोगों की सुविधा के लिए कोई भी स्वास्थ्य केंद्र उपलब्ध नहीं है। ग्रामीण लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि खरल पंचायत के लुहानी गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोला जाए लेकिन आज दिन तक कोई भी सरकार ग्रामीणों की मांग को पूरा नहीं कर पाई है। ग्राम पंचायत सियुला और सूरी में रहने वाली 5,000 की आबादी स्वास्थ्य सेवा का लाभ लेने के लिए भटकने को मजबूर है। चुनाव के दौरान नेता यहां स्वास्थ्य केंद्र खोलने के दावे तो कर जाते हैं लेकिन चुनाव के बाद कोई भी नेता अपने किए हुए वादों पर गौर नहीं करता। यही वजह है कि आज तक यहां स्वास्थ्य केंद्र नहीं खुल पाया। स्थानीय निवासी ज्ञान चंद, रवि कुमार, रविकांत, चुमारू राम और कमलेश ने बताया कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के दावे भले ही कर रही है लेकिन धरातल पर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा चुकी हैं। ग्रामीणों को मामूली बीमारी का इलाज करवाने के लिए सलूणी या जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि लुहानी में जल्द स्वास्थ्य केंद्र खोला जाए।
अभी तक ग्रामीणों ने उन्हें कोई प्रस्ताव नहीं दिया है। ग्रामसभा में पारित करके ग्रामीण प्रस्ताव उन्हें देते हैं तो उसे मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाएगा।
डॉ. पायल ठाकुर, कार्यकारी खंड चिकित्सा अधिकारी, किहार।
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हालात यह हैं कि 5,000 की आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए आठ किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। इससे नजदीक लोगों की सुविधा के लिए कोई भी स्वास्थ्य केंद्र उपलब्ध नहीं है। ग्रामीण लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि खरल पंचायत के लुहानी गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोला जाए लेकिन आज दिन तक कोई भी सरकार ग्रामीणों की मांग को पूरा नहीं कर पाई है। ग्राम पंचायत सियुला और सूरी में रहने वाली 5,000 की आबादी स्वास्थ्य सेवा का लाभ लेने के लिए भटकने को मजबूर है। चुनाव के दौरान नेता यहां स्वास्थ्य केंद्र खोलने के दावे तो कर जाते हैं लेकिन चुनाव के बाद कोई भी नेता अपने किए हुए वादों पर गौर नहीं करता। यही वजह है कि आज तक यहां स्वास्थ्य केंद्र नहीं खुल पाया। स्थानीय निवासी ज्ञान चंद, रवि कुमार, रविकांत, चुमारू राम और कमलेश ने बताया कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के दावे भले ही कर रही है लेकिन धरातल पर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा चुकी हैं। ग्रामीणों को मामूली बीमारी का इलाज करवाने के लिए सलूणी या जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि लुहानी में जल्द स्वास्थ्य केंद्र खोला जाए।
अभी तक ग्रामीणों ने उन्हें कोई प्रस्ताव नहीं दिया है। ग्रामसभा में पारित करके ग्रामीण प्रस्ताव उन्हें देते हैं तो उसे मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाएगा।
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डॉ. पायल ठाकुर, कार्यकारी खंड चिकित्सा अधिकारी, किहार।