{"_id":"69e2663f255d29076b048a33","slug":"doors-closed-life-in-queues-for-treatment-chamba-news-c-88-1-cmb1003-180731-2026-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: दरवाजे बंद, इलाज के लिए कतारों में मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: दरवाजे बंद, इलाज के लिए कतारों में मरीज
Fri, 17 Apr 2026 10:26 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 17 Apr 2026 10:26 PM IST
विज्ञापन
जहां इलाज मिलना चाहिए, वहां इंतजार बीमारी से लंबा हो जाए तो समझिए अस्पताल खुद इलाज मांग रहा है। तीसा के सिविल अस्पताल में हालात कुछ ऐसे ही हैं। यहां तीन ओपीडी में से दो पर ताले लटके हैं। एक कमरे पर पूरे अस्पताल का बोझ आ गया है। मरीज कतारों में खड़े हैं, समय बीतता जा रहा है और दर्द बढ़ता जा रहा है, लेकिन डॉक्टरों की कमी ने इलाज को भी इंतजार में बदल दिया है। यहां चिकित्सकों के अधिकतर पद रिक्त हैं। कार्यवाहक बीएमओ के सहारे ही अस्पताल में व्यवस्था चल रही है।
-- -- -
दरवाजे बंद, इलाज के लिए कतारों में जिंदगी
ओपीडी नंबर एक और तीन में लटके ताले, दो में उपचार के लिए लगी मरीजों की कतार
सिविल अस्पताल तीसा में चिकित्सकों की कमी मरीजों पर पड़ रही भारी, हो रही दिक्कत
बीएमओ का पद खाली, अतिरिक्त कार्यभार के सहारे चलाई जा रही अस्पताल में व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
चुराह (चंबा)। दिन : शुक्रवार, समय : सुबह 10:30 बजे। स्थान : सिविल अस्पताल तीसा। ओपीडी नंबर एक और तीन पर ताला लटका है। ओपीडी नंबर दो में चिकित्सक उपचार कर रहा है। ओपीडी कक्ष के बाहर मरीजों की कतारें लगी हैं। मरीज उपचार के इंतजार में थक गए हैं। तीन ओपीडी का भार एक ही ओपीडी कक्ष पर पड़ रहा है। धीरे-धीरे मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डेंटल ओपीडी के बाहर भी मरीज परामर्श मिलने का इंतजार कर रहे हैं। समय 11:30 बजे झज्जाकोठी से चतर सिंह बीमार बेटे को लेकर अस्पताल पहुंचे।
ओपीडी के बाहर लगी भीड़ को देखकर निराश दिखाई दिए। उनसे बात की तो पता चला कि वह सुबह 7 बजे बेटे के उपचार के लिए घर से निकले थे। उन्हें अस्पताल आकर पता चला कि एक ही चिकित्सक ओपीडी में हैं। अन्य ओपीडी में ताले लटके हैं। समय 12:10 बजे। देहरा से स्वास्थ्य परामर्श के लिए पहुंचे मान सिंह ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सकों की कमी से परेशानी हुई। करीब डेढ़ घंटा इंतजार के बाद उनका नंबर आया। एक ही चिकित्सक होने से मरीज परेशान हो रहे हैं। सरकार को चिकित्सकों की तैनाती करनी चाहिए। समय 12:30 बजे। सरकार की अनदेखी के कारण अस्पतालों में हालात खराब होते जा रहे है। एक चिकित्सक तीन-तीन ओपीडी का भार संभाल रहा है। सरकार को जल्द चिकित्सकों की तैनाती करनी चाहिए। समय 12:30 बजे दयोला से सतपाल टैक्सी के जरिये तीसा अस्पताल पहुंचे। वे अपने पिता के इलाज के लिए पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि पिता पहले से ही पेट दर्द से ग्रस्त थे। ऐसे में ओपीडी में भीड़ देखकर उनका मर्ज बढ़ गया। उन्होंने कहा कि सरकार को चिकित्सकों के पद भरने चाहिए।
विज्ञापन
--
उपचार के साथ प्रबंधन का कार्य भी देख रहे मेडिकल ऑफिसर
खंड चिकित्सा अधिकारी का पद पिछले पांच सालों से खाली है। लिहाजा, वर्तमान में मेडिकल ऑफिसर के पद पर तैनात अधिकारी को ही जहां मरीजों को उपचार देना पड़ रहा है, वहीं अस्पताल प्रबंधन का कार्य भी देखना पड़ रहा है। लिहाजा, कार्य का बोझ बढ़ता जा रहा है।
--
यह मामला ध्यान में आया है। प्रदेश सरकार को रिक्त पदों की सूचना दे दी गई है। उम्मीद है सरकार जल्द ही रिक्त पदों को भरेगी।
- डॉ. जालम भारद्वाज, सीएमओ
--
विज्ञापन
दरवाजे बंद, इलाज के लिए कतारों में जिंदगी
ओपीडी नंबर एक और तीन में लटके ताले, दो में उपचार के लिए लगी मरीजों की कतार
सिविल अस्पताल तीसा में चिकित्सकों की कमी मरीजों पर पड़ रही भारी, हो रही दिक्कत
बीएमओ का पद खाली, अतिरिक्त कार्यभार के सहारे चलाई जा रही अस्पताल में व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
चुराह (चंबा)। दिन : शुक्रवार, समय : सुबह 10:30 बजे। स्थान : सिविल अस्पताल तीसा। ओपीडी नंबर एक और तीन पर ताला लटका है। ओपीडी नंबर दो में चिकित्सक उपचार कर रहा है। ओपीडी कक्ष के बाहर मरीजों की कतारें लगी हैं। मरीज उपचार के इंतजार में थक गए हैं। तीन ओपीडी का भार एक ही ओपीडी कक्ष पर पड़ रहा है। धीरे-धीरे मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डेंटल ओपीडी के बाहर भी मरीज परामर्श मिलने का इंतजार कर रहे हैं। समय 11:30 बजे झज्जाकोठी से चतर सिंह बीमार बेटे को लेकर अस्पताल पहुंचे।
विज्ञापन
ओपीडी के बाहर लगी भीड़ को देखकर निराश दिखाई दिए। उनसे बात की तो पता चला कि वह सुबह 7 बजे बेटे के उपचार के लिए घर से निकले थे। उन्हें अस्पताल आकर पता चला कि एक ही चिकित्सक ओपीडी में हैं। अन्य ओपीडी में ताले लटके हैं। समय 12:10 बजे। देहरा से स्वास्थ्य परामर्श के लिए पहुंचे मान सिंह ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सकों की कमी से परेशानी हुई। करीब डेढ़ घंटा इंतजार के बाद उनका नंबर आया। एक ही चिकित्सक होने से मरीज परेशान हो रहे हैं। सरकार को चिकित्सकों की तैनाती करनी चाहिए। समय 12:30 बजे। सरकार की अनदेखी के कारण अस्पतालों में हालात खराब होते जा रहे है। एक चिकित्सक तीन-तीन ओपीडी का भार संभाल रहा है। सरकार को जल्द चिकित्सकों की तैनाती करनी चाहिए। समय 12:30 बजे दयोला से सतपाल टैक्सी के जरिये तीसा अस्पताल पहुंचे। वे अपने पिता के इलाज के लिए पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि पिता पहले से ही पेट दर्द से ग्रस्त थे। ऐसे में ओपीडी में भीड़ देखकर उनका मर्ज बढ़ गया। उन्होंने कहा कि सरकार को चिकित्सकों के पद भरने चाहिए।
विज्ञापन
उपचार के साथ प्रबंधन का कार्य भी देख रहे मेडिकल ऑफिसर
खंड चिकित्सा अधिकारी का पद पिछले पांच सालों से खाली है। लिहाजा, वर्तमान में मेडिकल ऑफिसर के पद पर तैनात अधिकारी को ही जहां मरीजों को उपचार देना पड़ रहा है, वहीं अस्पताल प्रबंधन का कार्य भी देखना पड़ रहा है। लिहाजा, कार्य का बोझ बढ़ता जा रहा है।
यह मामला ध्यान में आया है। प्रदेश सरकार को रिक्त पदों की सूचना दे दी गई है। उम्मीद है सरकार जल्द ही रिक्त पदों को भरेगी।
- डॉ. जालम भारद्वाज, सीएमओ