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हल्के में न लें, मलेरिया से बचने के लिए बरतें एहतियात : सीएमओ
Tue, 10 Sep 2024 04:58 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 10 Sep 2024 04:58 PM IST
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हल्के में न लें, मलेरिया से बचने के लिए बरतें एहतियात : सीएमओ
चिकित्सकों, बीएमओ और एसएमओ के साथ बैठक कर जागरूक करने के लिए कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मलेरिया की जागरूकता और रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कार्य शुरू कर दिया है। मंगलवार को सीएमओ डॉ. बिपिन ठाकुर ने चिकित्सकों, बीएमओ और एसएमओ के साथ बैठक की। बताया कि बरसात के मौसम से पहले ही जिले के सभी स्वास्थ्य खंडों में मलेरिया से निपटने की तैयारी की जाती है। बीते पांच सालों में जिले में एक भी केस मलेरिया का नहीं आया है। फिर भी मलेरिया को हल्के में नहीं लिया जा सकता है।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि इन मच्छरों की उत्पत्ति ज्यादातर बरसात और उसके बाद के मौसम में होती है। इसका एक बड़ा कारण बरसात का पानी का टायरों, टूटे-फूटे बर्तनों या प्लास्टिक कचरे में इकट्ठा होना है। इन मच्छरों की उत्पत्ति घर के आसपास की खड्डों और कूलर के पानी में भी हो सकती है। लोग पानी को बेकार पड़े कंटेनर में इकट्ठा न होने दें। शरीर को ढककर रखें, पूरी बाजू की कमीज पहनें और टांगें ढक कर रखें। रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। घरों के आसपास और छत पर सफाई का विशेष ध्यान रखें। सप्ताह में एक बार कूलर की सफाई करें। पानी की टंकियों की सफाई करें और टंकियों को ढककर रखें। यदि किसी भी तरह के बुखार की आशंका हो तो नजदीकी स्वास्थ्य एवं अस्पताल में रोगी को उपचार के लिए भेजें।
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चिकित्सकों, बीएमओ और एसएमओ के साथ बैठक कर जागरूक करने के लिए कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मलेरिया की जागरूकता और रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कार्य शुरू कर दिया है। मंगलवार को सीएमओ डॉ. बिपिन ठाकुर ने चिकित्सकों, बीएमओ और एसएमओ के साथ बैठक की। बताया कि बरसात के मौसम से पहले ही जिले के सभी स्वास्थ्य खंडों में मलेरिया से निपटने की तैयारी की जाती है। बीते पांच सालों में जिले में एक भी केस मलेरिया का नहीं आया है। फिर भी मलेरिया को हल्के में नहीं लिया जा सकता है।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि इन मच्छरों की उत्पत्ति ज्यादातर बरसात और उसके बाद के मौसम में होती है। इसका एक बड़ा कारण बरसात का पानी का टायरों, टूटे-फूटे बर्तनों या प्लास्टिक कचरे में इकट्ठा होना है। इन मच्छरों की उत्पत्ति घर के आसपास की खड्डों और कूलर के पानी में भी हो सकती है। लोग पानी को बेकार पड़े कंटेनर में इकट्ठा न होने दें। शरीर को ढककर रखें, पूरी बाजू की कमीज पहनें और टांगें ढक कर रखें। रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। घरों के आसपास और छत पर सफाई का विशेष ध्यान रखें। सप्ताह में एक बार कूलर की सफाई करें। पानी की टंकियों की सफाई करें और टंकियों को ढककर रखें। यदि किसी भी तरह के बुखार की आशंका हो तो नजदीकी स्वास्थ्य एवं अस्पताल में रोगी को उपचार के लिए भेजें।
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