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चेकअप से पहले कोविड टेस्ट न हों : कांग्रेस
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चंबा। कांग्रेस ने पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में जांच से पहले मरीजों के कोविड टेस्ट की अधिसूचना रद्द करने की मांग की है। कांग्रेस पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग के राज्य संयोजक आरिफ मलिक ने प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल में मरीजों का इलाज नहीं किया जा रहा है।
मरीजों को इलाज करवाने से पहले कोविड टेस्ट करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। मरीज कोरोना के डर से निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं, जहां उनसे मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। चंबा मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में जाने से पहले मरीजों को पहले कोविड टेस्ट करवाना पड़ता है। चाहे मरीज कितनी ही गंभीर बीमारी से ग्रसित क्यों न हो। बिना कोविड टेस्ट उसे ओपीडी ब्लॉक में दाखिल ही नहीं होने दिया जाता। टेस्ट में अगर कोई मरीज कोरोना संक्रमित पाया जाता है, तो उसे चिकित्सीय जांच के बिना ही घर भेजकर 17 दिन के लिए होमआइसोलेट कर दिया जाता है। इसके चलते उस मरीज की दूसरी बीमारी का उपचार अधर में लटक जाता है।
कोविड से चंबा में इतनी अधिक मौतें नहीं हुई हैं जबकि, दूसरी बीमारी का समय पर उपचार न होने की वजह से ज्यादा मौतें हुई हैं। इसलिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को ओपीडी में जाने से पूर्व कोविड टेस्ट की प्रक्रिया को बंद कर देना चाहिए। कोविड टेस्ट उसी मरीज के करवाए जाएं जिनमें कोरोना संबंधित लक्षण हों। अन्य सामान्य मरीजों को ओपीडी में बिना टेस्ट करवाए जाने की अनुमति प्रदान की जाए।
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मरीजों को इलाज करवाने से पहले कोविड टेस्ट करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। मरीज कोरोना के डर से निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं, जहां उनसे मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। चंबा मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में जाने से पहले मरीजों को पहले कोविड टेस्ट करवाना पड़ता है। चाहे मरीज कितनी ही गंभीर बीमारी से ग्रसित क्यों न हो। बिना कोविड टेस्ट उसे ओपीडी ब्लॉक में दाखिल ही नहीं होने दिया जाता। टेस्ट में अगर कोई मरीज कोरोना संक्रमित पाया जाता है, तो उसे चिकित्सीय जांच के बिना ही घर भेजकर 17 दिन के लिए होमआइसोलेट कर दिया जाता है। इसके चलते उस मरीज की दूसरी बीमारी का उपचार अधर में लटक जाता है।
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कोविड से चंबा में इतनी अधिक मौतें नहीं हुई हैं जबकि, दूसरी बीमारी का समय पर उपचार न होने की वजह से ज्यादा मौतें हुई हैं। इसलिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को ओपीडी में जाने से पूर्व कोविड टेस्ट की प्रक्रिया को बंद कर देना चाहिए। कोविड टेस्ट उसी मरीज के करवाए जाएं जिनमें कोरोना संबंधित लक्षण हों। अन्य सामान्य मरीजों को ओपीडी में बिना टेस्ट करवाए जाने की अनुमति प्रदान की जाए।
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