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Chamba News: आपदा ने मकान, अब कार हादसे ने छीन लिया सिंदूर
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मैहला/धरवाला/चंबा)। भरमौर-पठानकोट हाईवे पर कुरांह के टाेरेड़ा में हुए सड़क हादसे ने मृतक के परिवार को ताउम्र न भूलने वाले जख्म दिए हैं। पहले ही प्राकृतिक आपदा में उनका मकान ढह चुका है। इसके बाद अब पवन कुमार की दुर्घटना में मौत ने पत्नी और दो अबोध बच्चों के सिर से सहारा छीन लिया है। पति की दुर्घटना में मौत की खबर सुनकर पत्नी मनीषा गश खाकर घर की दहलीज पर गिर पड़ीं। जेठानी समेत अन्य ने उसे सहारा देकर उठाया। पवन कुमार की मौत ने पूरे परिवार को कभी न भरने वाले गहरे जख्म दिए हैं। पवन कुमार पुत्र जन्नत निवासी उलेणी डाकघर प्रीणा भेड़पालक थे। उनके घर में पत्नी मीनाक्षी और डेढ़ और चार साल के दो बेटे हैं। प्राकृतिक आपदा में उनका मकान ढह गया था। इसके बाद वह अपने भाई के परिवार के साथ ही समय गुजार रहे थे लेकिन किसे मालूम था कि मुसीबतों का पहाड़ उनके परिवार पर मंडरा रहा है। वीरवार देर रात बाद हुई कार दुर्घटना में पवन की मौत की खबर जब परिवार को मिली तो वे सन्न रह गए। किसी को भी विश्वास नहीं हो रहा था कि एक साल पहले प्राकृतिक आपदा में अपने सिर की छत छिन जाने के बाद अब परिवार का मुखिया भी यूं सदा के लिए उनसे बिछुड़ जाएगा। दोपहर बाद शव भाई के आंगन में पहुंचाया गया जिसे देख चीख-पुकार मच गई। पैतृक श्मशानघाट पर हिंदू रीति-रिवाज के साथ मृतक का अंतिम संस्कार किया गया।
कार दुर्घटना में बुरी तरह से चोटिल चालक बर्फों ने कार से बाहर आकर देखा तो पवन बेसुध पड़ा था। रात के घुप अंधेरे में हाईवे पर वाहनों की आवाजाही न होने पर बर्फों ने चीख-चीख कर मदद के लिए आवाजें लगाईं। आवाज सुनकर स्थानीय ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद उन्हें वहां से निकालकर मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचाया गया।
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कार दुर्घटना में बुरी तरह से चोटिल चालक बर्फों ने कार से बाहर आकर देखा तो पवन बेसुध पड़ा था। रात के घुप अंधेरे में हाईवे पर वाहनों की आवाजाही न होने पर बर्फों ने चीख-चीख कर मदद के लिए आवाजें लगाईं। आवाज सुनकर स्थानीय ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद उन्हें वहां से निकालकर मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचाया गया।
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