{"_id":"613f7e7e8ebc3edacc1bc94b","slug":"devotee-took-holy-bath-in-dal-lake-in-manimahesh-chamba-news-sml383728637","type":"story","status":"publish","title_hn":"शाही स्नान पर चंद लोगों ने ही लगाई आस्था की डुबकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शाही स्नान पर चंद लोगों ने ही लगाई आस्था की डुबकी
विज्ञापन
मणमहेश में डल झील में अास्था की डुबकी लगाते श्रद्धालु।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भरमौर (चंबा)। राधाष्टमी पर लाखों की तादाद में मणिमहेश की डल झील में डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं की जगह इस बार चंद शिव भक्तों ने ही आस्था की डुबकी लगाई। कोरोना महामारी के चलते लगातार दूसरी बार पवित्र मणिमहेश यात्रा प्रभावित हुई है।
जहां यात्रा का स्वरूप बदल गया है, वहीं, दूसरी तरफ भरमौर की संस्कृति को बढ़ावा देने वाले मेले भी रस्मों तक ही सिमट गए हैं। शिव नगरी जहां आम दिनों में भोले के जयकारों से गूंजती रहती थी लेकिन, अब रस्मों कुछ शिव चेले ही मणिमहेश यात्रा की रस्में निभा रहे हैं।
गौरतलब है कि मणिमहेश के कमलकुंड में मिले तीन शवों की खबर मिलने के बाद सोमवार को मणिमहेश की ओर जाने वाले लोगों को हड़सर और प्रंघाला नाले से ही वापस भेज दिया गया। मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती करते हुए यह कदम उठाया है। ऐसे में राधाष्टमी पर लाखों की संख्या में पवित्र डल में डुबकी लगाने की चाह रखने वाले शिव भक्तों को मायूस होना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जहां यात्रा का स्वरूप बदल गया है, वहीं, दूसरी तरफ भरमौर की संस्कृति को बढ़ावा देने वाले मेले भी रस्मों तक ही सिमट गए हैं। शिव नगरी जहां आम दिनों में भोले के जयकारों से गूंजती रहती थी लेकिन, अब रस्मों कुछ शिव चेले ही मणिमहेश यात्रा की रस्में निभा रहे हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है कि मणिमहेश के कमलकुंड में मिले तीन शवों की खबर मिलने के बाद सोमवार को मणिमहेश की ओर जाने वाले लोगों को हड़सर और प्रंघाला नाले से ही वापस भेज दिया गया। मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती करते हुए यह कदम उठाया है। ऐसे में राधाष्टमी पर लाखों की संख्या में पवित्र डल में डुबकी लगाने की चाह रखने वाले शिव भक्तों को मायूस होना पड़ा।
विज्ञापन