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Chamba News: 40 लाख की मशीन होने के बाद भी निजी लैब में टेस्ट करवा रहे मरीज
Wed, 02 Oct 2024 10:16 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 02 Oct 2024 10:16 PM IST
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में 40 लाख रुपये की मशीन होने के बावजूद मरीजों को निजी लैब में जाकर 2000 रुपये देकर टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं।
कोएगुलेशन प्रोफाइल टेस्ट करने के लिए मशीन मेडिकल कॉलेज की सेंटर लैब में उपलब्ध है, लेकिन यह मशीन मरीजों की सुविधा के लिए अभी तक चालू नहीं की गई है। मेडिकल कॉलेज में होने वाले किसी भी ऑपरेशन से पहले मरीज का कोएगुलेशन प्रोफाइल टेस्ट करना अनिवार्य होता है। इस टेस्ट के जरिये मरीज के खून में थक्कों अर्थात क्लॉट की जांच की जाती है। इतना ही नहीं, गर्भवती महिला को भी यह टेस्ट करना अनिवार्य होता है। सरकारी लैब में जहां टेस्ट मुफ्त करने की सुविधा है, वहीं निजी लैब में मरीजों को इस टेस्ट को करवाने के लिए 2000 से 2500 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। इसकी वजह से मरीज काफी परेशान हैं। हैरानी इस बात की है कि मशीन मेडिकल कॉलेज के पास पिछले कई महीनों से पड़ी है, लेकिन आज तक इस मशीन को चालू नहीं किया गया।
तीमारदारों में हंसराज, केवल कुमार, रवि कुमार, जितेंद्र, वेद प्रकाश, सुरेंद्र, मान सिंह और योगराज ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में सरकार ने 40 लाख खर्च कर मरीजों की सुविधा के लिए जो मशीन उपलब्ध करवाई थी, उसका मरीजों को कोई भी लाभ नहीं मिल रहा है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना मरीजों के ऑपरेशन होते हैं, जबकि सैकड़ों की संख्या में मरीज इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मरीजों की सुविधा के लिए यह टेस्ट शुरू होना काफी जरूरी है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से मांग की है कि कोएगुलेशन प्रोफाइल टेस्ट को जल्द शुरू करवाया जाए।
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उधर, मेडिकल कॉलेज के कार्यकारी प्राचार्य डॉक्टर पंकज गुप्ता ने बताया कि जल्द ही मशीन को चालू करवाकर मरीजों के टेस्ट शुरू करवाए जाएंगे।
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कोएगुलेशन प्रोफाइल टेस्ट करने के लिए मशीन मेडिकल कॉलेज की सेंटर लैब में उपलब्ध है, लेकिन यह मशीन मरीजों की सुविधा के लिए अभी तक चालू नहीं की गई है। मेडिकल कॉलेज में होने वाले किसी भी ऑपरेशन से पहले मरीज का कोएगुलेशन प्रोफाइल टेस्ट करना अनिवार्य होता है। इस टेस्ट के जरिये मरीज के खून में थक्कों अर्थात क्लॉट की जांच की जाती है। इतना ही नहीं, गर्भवती महिला को भी यह टेस्ट करना अनिवार्य होता है। सरकारी लैब में जहां टेस्ट मुफ्त करने की सुविधा है, वहीं निजी लैब में मरीजों को इस टेस्ट को करवाने के लिए 2000 से 2500 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। इसकी वजह से मरीज काफी परेशान हैं। हैरानी इस बात की है कि मशीन मेडिकल कॉलेज के पास पिछले कई महीनों से पड़ी है, लेकिन आज तक इस मशीन को चालू नहीं किया गया।
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तीमारदारों में हंसराज, केवल कुमार, रवि कुमार, जितेंद्र, वेद प्रकाश, सुरेंद्र, मान सिंह और योगराज ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में सरकार ने 40 लाख खर्च कर मरीजों की सुविधा के लिए जो मशीन उपलब्ध करवाई थी, उसका मरीजों को कोई भी लाभ नहीं मिल रहा है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना मरीजों के ऑपरेशन होते हैं, जबकि सैकड़ों की संख्या में मरीज इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मरीजों की सुविधा के लिए यह टेस्ट शुरू होना काफी जरूरी है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से मांग की है कि कोएगुलेशन प्रोफाइल टेस्ट को जल्द शुरू करवाया जाए।
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उधर, मेडिकल कॉलेज के कार्यकारी प्राचार्य डॉक्टर पंकज गुप्ता ने बताया कि जल्द ही मशीन को चालू करवाकर मरीजों के टेस्ट शुरू करवाए जाएंगे।